घर पर मात्र 5 किलो चावल था इसलिए 1250 किमी पैदल चलकर अपने घर पर पहुंच गया युवक!

नवादा जिले के रजौली प्रखंड के तारगीर गांव के अनुज कुमार हरियाणा के सोहना से पैदल चलते हुए बुधवार सुबह छह बजे अपने गांव तारगीर पहुंचा। उसने लॉकडाउन के बाद एक अप्रैल से यात्रा शुरू की थी। आठ दिनों में करीब 1250 किमी की दूरी तय कर वह अपने गांव पहुंचा है। उसे देखकर गांववाले हैरान रह गए और पैदल ही घर पहुंचने की खबर ग्रामीणों ने उसके हौसले को सलाम किया। गांव पहुंचते ही जागरूक ग्रामीणों ने उसे घर जाने से रोक दिया और जांच कराने को कहा। 
युवक तैयार भी हो गया। ग्रामीणों ने सुबह सात बजे स्थानीय प्रशासन को सूचना देकर मेडिकल टीम के आने का इंतजार करने लगे, लेकिन तीन बजे तक टीम गांव नहीं पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे घर जाने दिया। युवक ने घर में प्रवेश किया तो स्वजन मारे खुशी के झूम उठे। हालांकि उसके हरियाणा से आने के कारण संक्रमण का खतरा बरकरार है। इसी कारण कोई नजदीक जाने से भी घबरा रहा है। बता दें कि युवक पैदल चलकर इसलिए पहुंचा, क्योंकि उसकी तबीयत खराब हो गई थी। 

पैदल चला तो पैरों में छाले पड़ गए हैं। गांव पहुंचे अनुज ने बताया कि एक अप्रैल को वह सोहना से पैदल ही निकला था। कंपनी बंद हो गई थी, न ही रहने का ठिकाना था और न ही खाने का। इसी कारण वहां से निकलने का मन बनाया। रास्ते में कोई गाड़ी नहीं मिली, इसलिए पैदल ही आना पड़ा। युवक वहां एक कंपनी में मजदूरी करता था। आठ महीने पहले ही वह हरियाणा गया था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से उत्पन्न समस्या से उसे फिर घर आना पड़ा। युवक के घर की माली स्थिति बेहद खराब है। 

उसके घर में मात्र पांच किलो चावल था। उसकी दो बेटी व एक बेटा है। पत्नी शोभा कुमारी ने बताया कि हम लोग किसी तरह से समय काट रहे हैं। इस समय स्कूल बंद होने से बड़ी मुश्किल आ गई है। स्कूल खुला रहता था तो तीनों बच्चों को भरपेट भोजन मिल जाता था। हालांकि ग्रामीणों ने उसकी मदद करने का भरोसा दिया है।