सिवान के इस डॉक्टर ने बनाई 500 रुपये में PPE किट, सिर से पांव तक कोरोना से रहेगी सुरक्षा

कोरोना वायरस के प्रकोप से डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को बचाने की तरकीब बिहार ने निकाल ली है। स्वास्थ्य कर्मियों को सिर से पांव तक सुरक्षा देने वाला अभेद्य कवच जिसे पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट कहते हैं, वो सिवान के एक चिकित्सक ने महज 500 रुपये में तैयार कर लिया है। जिसका बाजार मूल्य दो से ढाई हजार रुपये है।
उप्र ने एक लाख किट का ऑर्डर दिया है। अन्य राज्यों से भी इसकी मांग है। संक्रमित मरीजों का उपचार करने वाले या उनके नजदीक जाने वाले हर व्यक्ति को इस किट की जरूरत होती है। फिलहाल पूरे देश में ऐसी लाखों किट की मांग है। मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं हो पा रही है। दाम भी औसतन दो से ढाई हजार तक है। ऐसे में सिवान के डॉक्टर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रामेश्वर सिंह द्वारा महज 500 रुपये की लागत से तैयार इस पीपीई किट ने बड़ी राहत पहुंचाने का काम किया है। इसे चिकित्साजगत और सरकार द्वारा खरा पाया गया है।

उप्र सरकार ने शुरुआती एक लाख का ऑर्डर दिया है, जिसकी आपूर्ति जल्द होने जा रही है। डॉ. रामेश्वर सिंह की इस उपलब्धि को सिवान जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने हाथोंहाथ लेते हुए इसकी सूचना सभी जगह भेजी, जिसके बाद उप्र सहित अन्य राज्यों से इसकी मांग की जा रही है। दावा है कि किट पूरी तरह से चिकित्सकीय मानदंड पर खरी उतरी है। फिलहाल नोएडा (उत्तर प्रदेश) में एक यूनिट में इस पीपीई का निर्माण शुरू किया गया है।
दिल्ली और एनसीआर से निर्माण सामग्री उपलब्ध हो रही है। सिवान स्थिति श्री साईं हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर द्वारा बनाई गई पीपीई किट खरीदने के लिए ऑर्डर दिया गया है। इसके कुछ अन्य कंपनियों को भी बड़ी संख्या में ऑर्डर दिया गया है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए यह किट अत्यंत आवश्यक है। किट में फेस मास्क, बॉडी गाउन, पारदर्शी हेलमेट शील्ड, हैंड ग्लब्स, जूता कवर शामिल हैं। यह आवरण सिर्फ एक बार इस्तेमाल के लिए होता है। इन सामग्रियों को तैयार करने के लिए 60 जीएसएम का लेमिनेटेड नॉन बोवेन फैब्रिक इस्तेमाल किया जाता है, जिसे वायरस भेद नहीं सकता है। 

डॉक्टर रामेश्वर बताते हैं कि अपने अस्पताल श्री साईं हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में पहली किट की सिलाई कराई। सिविल सर्जन और जिलाधिकारी के स्तर पर इसके मानदंड पर खरा उतरने की जांच की गई। वहां से सहमति मिलने के बाद निर्माण करने का निर्णय किया। डॉक्टर रामेश्वर सिंह कहते हैं,  इस किट के निर्माण में किसी तरह का लाभ कमाने का उद्देश्य नहीं है और ना ही इसके लिए यह किया है। एक किट की लागत 500 रुपये पड़ रही है। बिना कोई लाभ निकाले इसे इसी मूल्य पर उपलब्ध करा रहे हैं।