"अंकल मेरी गुल्लक के सारे पैसे ले लो लेकिन कोरोना को भगा दो" 5 साल की अनाया का योगदान...

कोरोना महामारी से लडऩे के लिए ५ साल की छोटी सी अनाया ने बडा योगदान दिया है। माता पिता की ओर से चॉकलेट-टॉफी के लिए दिए गए अपनी गुल्लक में बचाकर रखे गए पैसे जिला कलक्टर राजेंद्र भट्ट को सौंपते हुए अनाया ने कहा कि कलक्टर अंकल मेरी गुल्लक के सारे पैसे ले लो पर कोरोना को भगा दो। 
कोरोना महामारी से लडऩे के लिए जब सारे जन एकजुट हो रहे हैं उसमें अपना सहयोग देने के लिए भीलवाड़ा के माणिक्य नगर निवासी विवेक जैन की कक्षा एक मे पढऩे वाली ५ वर्षीय पुत्री अनाया जैन भी आगे आई। उसने शुक्रवार को जिला कलक्टर के चेंबर में उपस्थित होकर कलक्टर को अपनी गुल्लक सौप दी। स्वेच्छा से सौपे गए पैसों में अनाया को भेट स्वरूप प्राप्त राशि भी सम्मिलित है। कलक्टर के सामने उसकी गुल्लक को खोलकर राशि की गिनती की गई तो 8350 रुपए निकले। जिन्हें मुख्यमंत्री सहायता कोष के एसबीआई स्थित खाते में जमा करवाने के लिए भिजवाया गया।

शहर में शुक्रवार को अनुकरणीय उदाहरण देखने को मिला। माणिक्य नगर निवासी विवेक जैन पुत्र हेमन्त कुमार जैन जब वे सुबह नहा धोकर अपने कक्ष में पहुचे तो सामने ५ वर्षीय अनाया जैन हाथों में गुल्लक लेकर बैठी थी। उससे पूछा कि बेटा पैसे चाइए क्या। अनाया ने कहा नही पापा मुझे तो यह सारे पैसा कोरोना प्रभावित लोगों की सहायता के लिए देना है। यह सुन वह आश्चर्य चकीत रह गया। बाद में यह राशि कलक्टर को सौंपी गई।