लॉकडाउन : यूनुस ने 5 करोड़ देकर अनस को बनवाया दिया हत्यारोपित!

बसपा के पूर्व विधायक हाजी अलीम की हत्या में बेटे अनस के जेल जाने के बाद स्वजनों ने सीबीसीआइडी व यूनुस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को मेरठ के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में हाजी अलीम की पत्नी व उनके बेटे ने सीबीसीआइडी व यूनुस पर खुलकर आरोप लगाए। बेटे दानिश का आरोप था कि चाचा यूनुस ने उनके पिता की हत्या गनर शारिब से कराई थी और अनस को हत्यारोपित बनवाने के लिए पांच करोड़ की रकम सीबीसीआइडी के विवेचक सुनील कुमार को दी है। 
हालांकि उनके पास प्रेसवार्ता में लगाए गए सभी आरोपों का कोई साक्ष्य नहीं था। प्रेसवार्ता में दानिश ने बताया कि विवेचक सुनील ने यूनुस को आरोपित बनाने के लिए उनसे भी चार और पांच करोड़ की मांग की थी, लेकिन उन्होंने रकम देने में असमर्थता जताई। आरोप है कि इसके बाद विवेचक ने यूनुस से पांच करोड़ रुपये लेकर अनस को पिता की हत्या का आरोपित बनकर जेल भेज दिया। हालांकि शुरुआत में दानिश ने एक करोड़ व दो करोड़ रुपये लेने का आरोप सीबीसीआइडी के विवेचक पर लगाया था। दानिश ने कहा कि बुलंदशहर पुलिस ने मुकदमे में एफआर लगा दी थी। अनस ने ही हाईकोर्ट से सीबीसीआइडी के आदेश कराए थे। दानिश ने बताया कि अलीम के जिंदा रहते यूनुस कभी भी सियासत में अपना कद नहीं रख पाए। 

इस लिए अलीम की हत्या कराकर यूनुस सियासत में अपना वर्चस्व खड़ा करना चाहते थे। इसलिए यूनुस ने गनर शारिब से अलीम की हत्या करा दी। यूनुस पर कई अन्य आरोप भी लगाए। दानिश ने शारिब की गिरफ्तारी नहीं होने पर भी सीबीसीआइडी पर सवाल खड़े किए। उधर, एसपी सीबीसीआइडी मोहिनी पाठक ने जवाब दिया है कि हत्या की जानकारी मिलने पर अनस देश छोड़कर जा सकता था। इसलिए उसे पहले गिरफ्तार किया गया। शारिब उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही है, उसे जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। बताया कि अनस ने यूनुस को फंसाने के लिए ही सीबीसीआइडी जांच का दाव खेला था।
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