5 साल पहले चाचा ने की थी पिता की हत्या, जब चाचा जेल आया तो भतीजे ने मार डाला

जमीन विवाद के चलते पांच साल पहले भाई ने भाई की हत्‍या कर दी थी। हत्‍या के मामले में चाचा को जेल हो गई थी। 3 अप्रैल को पैरोल पर चाचा जेल से बाहर आया था। रंजिश रखे भतीजे ने मौका पाकर चाचा को पहले कार से टक्‍कर मार दी। इसके बाद तेजधार हथियार से उस पर वार कर मार डाला। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। करीब पांच साले पहले जमीन विवाद में रौलों गांव के गुरमेज सिंह ने अपने भाई की हत्या कर दी थी। उसे 20 साल की सजा हुई, जबकि तीन अप्रैल को पैरोल पर अपने घर आया था। मौका देखकर गुरमेज के ही भतीजे ने उस पर हमला कर उसे बुरी तरह से जख्मी कर दिया। गंभीर हालत में उसे अंबाला छावनी में लाया गया, जबकि उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है। 
हत्या के मामले में गुरमेज को 20 साल की कैद हुई है। इन दिनों कोरोना के चलते जेल से कई लोगों को पैरोल पर छोड़ा गया। इन में गुरमेज को भी इसी दौरान पैरोल पर रिहा किया गया। वह तीन अप्रैल को पैरोल पर आया था। इसी दौरान उसके भतीजे व उसके परिवार में खींचतान चल रही थी। गुरमेज सोमवार को अपने घर के बाहर खड़ा सब्जी खरीद रहा था। इसी दौरान गुरमेज का भतीजा मनजिंदर सिंह उर्फ मन्नी भी अपनी कार में था। पहले तो मन्नी ने अपनी कार से घर के बाहर खड़े गुरमेज को टक्कर मारी, जिससे वह घायल हो कर नीचे गिर गया। इसके बाद मन्नी व अन्य ने उस पर तेजधार हथियारों से हमला कर उसे बुरी तरह से जख्मी कर दिया। इससे पहले कि गुरमेज के परिवार के सदस्य मौके पर आते, आरोपित फरार हो गया। 

दोनों परिवारों में जमीनी विवाद चल रहा है। गुरमेज ने इसी विवाद के चलते करीब पांच साल पहले गांव रौलों के रहने वाले गुरमेज सिंह का अपने पिता व भाई से विवाद हो गया था। इसी विवाद के चलते गुरमेज ने अपने पिता व भाई पर हमला कर दिया था। हमले में उसका पिता जहां घायल हो गया था वहीं उसके भाई की मौत हो गई थी। पुलिस ने गुरमेज के खिलाफ मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी थी। बाद में मामला अदालत में चला। अदालत ने गुरमेज को अपने भाई की हत्या के मामले में बीस  साल की कैद सुनाई थी। कोरोना के चलते गुरमेज को 3 अप्रैल को जेल से पैरोल पर रिहा किया गया था।