लॉकडाउन के दौरान अंधविश्वास में 9 महीने के बच्चे को गर्म सलाखों से दागा, 3 दिन तक कराहता रहा

दरअसल, भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया थाना क्षेत्र के धन्ना का खेड़ा गांव निवासी फूलचंद बंजारा के नौ माह के बेटे कुशल उर्फ कुशलपाल की 10-15 दिन से निमोनिया की शिकायत थी। इसके चलते बच्चे को उसके माता-पिता गांव के ही किसी व्यक्ति के पास ले गए। जहां इस बालक को गर्म तार से पेट पर डाम लगा दिया गया।
गर्म सलाखों से दागा गया यह मासूम तीन दिन तक दर्द से तड़पता रहा। फिर इसकी तबीयत सुधरने की बजाय बिगड़ती चली गई तो सोमवार बीती रात को परिजन इसे मांडलगढ़ चिकित्सालय लेकर आए। जहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। 

फिलहाल एमजीएच में बालक का उपचार किया जा रहा है। वहीं, बिजौलियां पुलिस मामले की जांच में जुटी है। भीलवाड़ा जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राधेश्याम श्रोत्रिय बताते हैं कि बच्ची के निमोनिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उपचार किया जा रहा है। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।