90 किमी. साइकिल चलाकर पहुँच दूल्हा, पहले हुई विदाई फिर शादी रचाई!

लॉकडाउन में मांगलिक कार्यक्रम भी ‘लॉक’ हैं। शादियां तो हो रही हैं लेकिन बारातियों की भीड़ नहीं होनी चाहिए। इसके लिए प्रशासन की परमीशन भी चाहिए। हमीरपुर के पौथिया निवासी कलकू प्रजापति की 27 अप्रैल के दिन शादी तय थी।
बारात ले जाने की परमीशन मिलती न देख वह सोमवार तड़के साइकिल से ही दुल्हन को लेने 45 किलोमीटर दूर महोबा के खरेला थानाक्षेत्र के पुनिया गांव पहुंच गया। यहां उसका दूल्हे की तरह स्वागत सत्कार हुआ। 
घरवालों ने दुल्हन रिंकी को रोते-बिलखते विदा किया। दोनों साइकिल से हमीरपुर के लिए रवाना हो गए। शाम पांच बजे दोनों ने पौथिया पहुंच बाबा ध्यानीदास आश्रम में शादी रचा ली। इस दौरान गिने चुने घरवाले शामिल हुए।
अपनी शादी के लिए कलकू को 90 किलोमीटर साइकिल चलानी पड़ी। कलकू के पिता छोटे ने बताया कि भूरा की पुत्री रिंकी के साथ शादी पहले ही तय कर दी थी। लॉकडाउन के कारण बरात ले जाना संभव नहीं था। इसलिए बेटा ही दुल्हन को ले आया।