डॉक्टर को दिखाने आई 9 महीने की प्रेगनेंट महिला, और अब लॉकडाउन की वजह से परेशानी में पड़ गई

लॉकडाउन का असर पूरे देश में दिख रहा है. कई जरूरी सुविधाओं पर असर पड़ा है. इनमें निजी हॉस्पिटल और क्लिनिक भी शामिल हैं.  पटना के राजा बाज़ार से ऐसा ही एक मामला सामने आया है. एक प्रेगनेंट महिला डॉक्टर को दिखाने आई. लेकिन उसे वापस लौटना पड़ा. क्योंकि अस्पताल पर ताला लगा था.
आज तक से जुड़े रोहित कुमार सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला का नाम काजल है, उसके पति का नाम अमित. काजल ने बताया, मैं और मेरे पति डॉक्टर को कुछ रिपोर्ट दिखाने के लिए आए थे. मैं गर्भावस्था के नौवें महीने में हूं. ऐसे हालात में मुझे डॉक्टर की ज़रूरत कभी भी पड़ सकती है, मगर अब काफी मुश्किल हो रही है. मुझे अपनी पत्नी की काफी चिंता हो रही है. चूंकि यह अस्पताल बंद है, इसलिए मैं लगातार इस की जानकारी ले रहा हूं कि और कौन सा अस्पताल खुला है. जहां पर मैं अपनी पत्नी की डिलीवरी करवा सकता हूं. 

जिस क्लिनिक से काजल अपनी जांच करवा रही थीं, वहां इमरजेंसी के लिए सिर्फ एक डॉक्टर बाहर के कमरे में बैठ रहे हैं. काजल का केस तो एक बानगी भर है. लॉकडाउन की वजह से आवाजाही के साधनों पर भी असर पड़ा है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह बंद हो गए हैं. ऐसे में जिनके पास अपना साधन नहीं, वो किसी अस्पताल तक भी आसानी से नहीं जा सकते. हालांकि सरकारी अस्पताल इमरजेंसी की स्थिति में पेशेंट्स को एडमिट कर रहे हैं. 
इसमें पुलिस भी मदद कर रही है. पिछले दो दिनों में ही पुलिस की गाड़ियों (PCR) ने लेबर पेन में गई 38 महिलाओं को अस्पतालों में शिफ्ट किया. इसके अलावा हार्ट अटैक और कैंसर के एक पेशेंट को भी भर्ती किया गया. लेकिन ये सभी इमरजेंसी वाले केसेज थे. रेगुलर चेक अप के लिए मेडिकल सेंटर्स जाने वाले लोग कोशिश में लगे हैं, कि कहीं से जांच करवा लें. तसल्ली कर लें. उनकी अभी एक ही चिंता है. कोरोना बाद में इन्फेक्ट करेगा. जांच और सही केयर के बिना कहीं वो पहले बीमार न पड़ जाएं.
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