चारपाई में कैद हुई लॉकडाउन की एक याद, कैसे क्या है पूरा समाचार!

कोरोना वायरस को लेकर देश में लॉक डाउन व घरों से बाहर नहीं निकलने की हिदायत के चलते अधिकांश लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे। घरों के भी अकेले टाइम पास का जरिया ढूंढना हर किसी के बूते में नहीं रहता। ऐसे में निकटवर्ती नैणों का तला चाडार मदरूप गांव के कुंभाराम नैण पुत्र जलाराम नैण ने लॉक डाऊन के दौरान घर मे रहकर समय बिताने का अलग अंदाज ढूंढ निकाला।हालांकि वह चारपाई बुनने की कलाकारी पहले से ही जानता है, लेकिन चारपाई के लिए बनाई नई डिजाइन में लॉक डाउन 24.03.2020 को भी चारपाई के ताने बाने में कैद करने की सोच उभरी, जिसे बखूबी चारपाई में बुन लिया। कुम्भाराम नैण ने बताया कि गुजरे दस दिन से घर मे ही है, लेकिन इसके समय का सही सदुपयोग व टाइम पास का यह अंदाज दिमाग में आया तो बुनाई शुरू कर दी। पूरे मनोयोग और एकांत में बैठकर बुनाई कर चारपाई बनाते चार दिन का समय लगा, लेकिन इससे घर मे उपयोग के लिए चारपाई भी तैयार हो गई और उसका समय भी आराम से बीत गया। कुम्भाराम ने अपने हाथों की कलाकारी से लॉक डाउन को शानदार यादगार बना दिया।