लॉकडाउन : समोसे वाली चाची ने उकसाया तो हमने पथराव शुरू कर दिया था!

टाटपट्टी बाखल में डॉक्टरों व मेडिकल टीम के छह हमलावरों को भी पुलिस ने शुक्रवार दोपहर जेल भेज दिया। जबकि हमले के करीब 10 अन्य आरोपितों की शिनाख्त भी कर ली गई है। फुटेज में दिख रही महिलाओं की भूमिका जांची जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों ने अपने बयानों में बताया कि उन्होंने समोसे वाली चाची का शोर सुना। चाची के उकसाने पर वे हमला करने दौड़ पड़े। उधर, खुफिया विभाग ने रानीपुरा में लोगों को सख्ती से आइसोलेट करने और और बड़वाली चौकी में चल रहे प्रदर्शन को जबरदस्ती बंद करवाने का बदला लेने के लिए भी पथराव और हमले जैसी वारदात को अंजाम देने की शंका जाहिर की है। 
इसके बाद एसटीएफ भी मामले की छानबीन में जुट गई है। छत्रीपुरा थाना टीआई कर्णीसिंह शक्तावत के मुताबिक कोरोना मरीज मिलने के बाद डॉक्टरों की टीम टाटपट्टी बाखल में संदेहियों की स्क्रीनिंग कर रही थी। इस दौरान लोगों ने आपत्ति ली और दल पर हमला कर दिया। उन पर पथराव करने के साथ डंडे चलाए। इस घटना की देशभर में कड़ी निंदा हुई। उधर, पुलिस ने इस मामले में गुरुवार को मोहम्मद मुस्तफा, नौशाद कादरी, मो.गुलरेज, शाहरुख खान, मुबारिक, शोहेब उर्फ शोबी व मज्जू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इनमें से चार आरोपितों पर रासुका लगा कर रीवा जेल भेजा है। जबकि आरोपितों पर डिजास्टर मैनजमेंट एक्ट के तहत भी कारवाई की गई। 

इसके बाद पुलिस ने आरोपितों के साथी मोहम्मद सावेज मोहम्मद रईस, मो.नवेद मो.सईस, मो.अनस मो. शाकिर, मो.साजेव मो.आबिद, नफीस अब्दुल रजाक और मो.युसूफ अब्दुल करीम निवासी टाटपट्टी बाखल को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों ने पूछताछ में कबूला कि डॉक्टरों की टीम मुबारिक की मां (समोसेवाली चाची) के घर में स्क्रीनिंग कर रही थी। तभी चाची ने आवाज लगाई तो भीड़ आ गई। उन्होंने डॉक्टरों को धमकाया और हमें भी उकसाया। इसके बाद हमने उन पर पथराव शुरू कर दिया।
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