लॉकडाउन में जैसे तैसे घर पहुंचा इकलौता बेटा, कोरोना के डर से मां और बाप ने उसको घर में नहीं दी एंट्री

कोरोना वायरस का खौफ लोगों के दिलो-दिमाग में ऐसे रच-बस गया है कि इससे बचने के एहतियात में लोग अपने रिश्तेदारों को भी अपवाद में नहीं रखना चाहते। उत्तर प्रदेश के आगरा से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। लॉक डाउन में नोएडा से किसी तरह मैनपुरी स्थित अपने घर पहुंचे शख्स को उसके मां-बाप ने ही घर में नहीं घुसने दिया।
कोरोना के डर से मां-बाप ने अपने इकलौते बेटे के लिए घर के बाहर पांच मीटर की दूरी पर उसकी चारपाई डाल दी। पूरी रात बेटे ने घर के बाहर गुजारी। घर में उसकी एंट्री तब हुई जब बुधवार सुबह अस्पताल में उसे प्रारंभिक कोरोना जांच में क्लीन चिट मिल गई। जानकारी के अनुसार मैनपुरी के मोहल्ला मिश्राना के अनुराग उर्फ टीटू दिवाकर नोएडा में सेक्टर-16 में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। लॉक डाउन के चलते वह नोएडा में कंपनी में ही रुका हुआ था।

18 अप्रैल को ठेकेदार ने उसको कंपनी से निकाल दिया तो वह उसी दिन नोएडा से मैनपुरी के लिए चल दिया। बताया जाता है कि नोएडा से वह ट्रक से 19 अप्रैल को आगरा तक और फिर 20 अप्रैल को ट्रक से 21 अप्रैल की शाम करहल तक पहुंच गया। 21 अप्रैल की रात वह एक्सप्रेस वे से पैदल ही मैनपुरी के लिए चल कर रात एक बजे अपने घर पहुंच गया। जब उसने दरवाजा खुलवाया तो परिवार के लोगों ने उसको घर में नहीं घुसने दिया।

उसके लिए घर के बाहर चारपाई डाल दी गई और उसको रात भर वहीं रुकने को कहा। बुधवार की सुबह परिवार के लोग उसे अस्पताल ले गए। अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसको घर में ही परिवार के सदस्यों से अलग रहने की सलाह देकर वापस भेज दिया गया। बताया जाता है कि अनुराग अपने मां-बाप का इकलौता बेटा है। जब वह नोएडा में था तो मां बाप रोजाना फोन पर उसका हालचाल पूछते थे लेकिन कोरोना का खौफ लोगों के दिलों में इतना घर कर गया है कि जब अनुराग घर आया तो उससे दूरी बना ली।