कोरोना वायरस संक्रमित मां को देखकर बच्चे बोले, "मम्मी हमें छोड़ कर मत जाओ"

कोरोना संक्रमित महिला को एंबुलेंस पर बैठते देख मासूम बच्चे बिलखते रहे। बच्चे बार-बार मां से गुहार लगाते रहे कि उन्हें छोड़कर न जाए। मां भी बच्चों को अपने साथ ले जाने की जिद करती रही, लेकिन पुलिस व स्वास्थ्य विभाग ने उसे समझाकर किसी तरह शांत कराया। रविवार को भी गेट के बाहर अपनी मां को देखने के लिए दोनों बच्चे दौड़ लगाते रहे। उन्हें समझाने के लिए पिता व रिश्तेदारों को खासी मशक्कता करनी पड़ी।
कुंडा के बरई की रहने वाली महिला अपने पति, बेटे-बेटी व दो रिश्तेदारों के साथ मुंबई के धारावी से 21 अप्रैल को घर आई थी। दो दिनों तक घर रहने के बाद सभी को प्राइमरी स्कूल में रखा गया। जहां 23 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लिया और उसे जांच के लिए भेजा।

शनिवार को महिला की रिपोर्ट पाजीटिव आई। जबकि परिवार के अन्य सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव मिली। कोरोना संक्रमित महिला की किडनी का पहले से ही उपचार चल रहा है। जानकारी के बाद रात में ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अरविंद श्रीवास्तव की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम बरई स्कूल पहुंची। संक्रमित महिला को जब स्वास्थ्यकर्मी ले जाने लगे तब मासूम बेटे व बेटी मां के साथ जाने की जिद करने लगे। महिला भी अपने कलेजे के टुकड़ों को साथ ले जाने की जिद करती रही।

दोनों बच्चों की आंख से आंसू गिरते रहे और वह बार-बार मां के साथ जाने की जिद करते रहे। हालांकि किसी तरह संक्रमित महिला को स्वास्थ्य विभाग की टीम व पुलिस एंबुलेंस पर बैठा सकी। उसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम रवाना हुई, लेकिन बच्चे रात भर सिसकते रहे। रविवार की सुबह दोनों मां को याद करते हुए स्कूल के गेट की ओर बार-बार भागकर आते रहे। दोनों बच्चों की दशा देख पिता व रिश्तेदार उन्हें समझाते रहे, लेकिन वे मां की याद में तड़पते रहे।