घर में रहकर कोरोना को मात दे रहीं हैं ये महिलाएं, देश के लिए कर रही हैं काफी माननीय कार्य!

इतिहास गवाह है कि परिवार पर जब भी विपत्ति आई है तब महिलाओं ने डटकर उसका सामना किया है और जब बात देश की हो तो उनका किसी न किसी रूप में मदद करना लाजमी है। ऐसी ही एक बानगी टूंडला नगर की रेलवे काॅलोनी में देखने को मिली। जहां रेल कर्मचारियों के परिवार की महिलाएं इन दिनों घरों में सैनेटाइजर और मास्क तैयार कर रही हैं।
नगर की रेलवे काॅलोनी में रहने वाले रेल कर्मचारियों के परिवार की महिलाएं नेक कार्य में जुटी हैं। हाल ही में उत्तर मध्य रेलवे के डीआरएम अमिताभ कुमार ने कोरोना वायरस को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने रेल कर्मचारियों को मास्क और सैनेटाइजर साथ रखने की बात कही थी। बाजार में मास्क और सैनेटाइजर की काला बाजारी को लेकर डीआरएम ने सहायक मंडल यांत्रिक अभियंता सचिन जैन, कैरिज एंड वैगन डिपो इंचार्ज बलराम से घरों पर मास्क और सैनेटाइजर बनवाने की बात कही थी। फिर क्या रेल कर्मचारियों के घरों की महिलाएं जुट गईं मास्क और सैनेटाइजर बनाने में।

यात्री रेल सेेवा भले ही बंद कर दी गई हो लेकिन मालगाड़ी अभी भी पटरियों पर दौड़ रही हैं। इसमें काफी संख्या में रेल कर्मचारी लगे हुए हैं। रेल कर्मचारियों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए महिलाएं दिन रात मास्क और सैनेटाइजर तैयार कर रही हैं। एनसीआरएमयू के जयकिशन अजवानी ने बताया कि महिलाएं विगत नौ दिन से इस कार्य में लगी हैं। इस कार्य में करीब दो दर्जन से अधिक महिलाएं अपने-अपने घरों में लगी हैं। प्रतिदिन करीब 90 से 120 तक मास्क और सैनेटाइजर तैयार किए जा रहे हैं।

महिलाओं द्वारा तैयार किए गए मास्क और सैनेटाइजर रेल कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिससे वह इस महामारी से अपना बचाव कर सकें। इस कार्य में संदीप सिंह, सुनील कुमार सिंह, गजाला, निशा देवी, शीतल कुमारी, मीना देवी, अनीता, उमा देवी, बच्चो सिंह, अरविंद मीना समेत अन्य रेल कर्मचारी और उनके परिवार की महिलाएं सहयोग कर रही हैं। वैश्विक महामारी से बचाने के लिए महिलाओं द्वारा तैयार किए जाने वाले मास्क और सैनेटाइजर की डीआरएम अमिताभ कुमार ने ट्वीट कर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि खाली समय में महिलाएं अपने समय का सदुपयोग कर देश का हित कर रही हैं।
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