लॉकडाउन : जिंदा आदमी को मृत बताकर एंबुलेंस से जा रहे थे घर, पांच लोग किये गए गिरफ्तार!

लॉकडाउन में फंसे लोग घर पहुंचने के लिए अब अजीब तरीके निकाल रहे हैं। दो महिलाओं समेत पांच लोग घायल व्यक्ति को मृत बताकर एंबुलेंस से जम्मू से सुरनकोट के गांव सैला जा रहे थे। घायल सहित अन्य सभी लोगों की गतिविधियों पर शंका होने पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस को जीएमसी सीएमओ का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी पेश किया। पंजाब के नंबर वाली इस निजी एंबुलेंस का चालक राजोरी का रहने वाला है। पुलिस ने एंबुलेंस चालक आबिद हुसैन निवासी थंडकोट राजोरी, हाकम दीन, मोहम्मद अशरफ और दो महिला तीमारदारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान मंगलवार की शाम एसएचओ सुरनकोट अनिल कुमार शर्मा जवानों के साथ गश्त पर थे। इस दौरान एक निजी एंबुलेंस आती दिखी तो उसे रोक लिया। एंबुलेंस सवार लोगों ने जीएमसी जम्मू से बनाए गए हाकम दीन पुत्र साहब दीन का डेथ सर्टिफिकेट दिखाया। पुलिस ने जांच की तो घायल हाकम दीन जीवित निकला। पुलिस एंबुलेंस सहित सभी को थाने ले आई। पूछताछ में एंबुलेंस सवार लोगों ने बताया कि हाकम दीन मंगलवार सुबह तक जीएमसी जम्मू में भर्ती था। जहां उसके साथ दो तीमारदार भी थे।

27 मार्च को मोहम्मद अशरफ पुत्र मोहम्मद यूसुफ निवासी सैलां पटियाला पंजाब से जीएमसी उनके पास आया और 30 मार्च को हाकमदीन को जीएमसी से डिस्चार्ज कराने के बाद सुबह तक वहीं रहे। मंगलवार को वह मोहम्मद अशरफ के सहयोग से जम्मू से निजी एंबुलेंस में सवार होकर सुरनकोट तहसील के मुगलरोड पर स्थित गांव सैलां के लिए निकले थे। जम्मू से सुरनकोट के बीच सभी नाकों पर वह डेथ सर्टिफिकेट और हाकमदीन को शव के रूप में दिखा कर आगे निकलते रहे। परंतु घर के नजदीक पहुंच कर उनका झूठ पकड़ा गया।
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