'मरने के लिए मस्जिद से अच्छी जगह नहीं हो सकती', कहने वाले मौलाना साद ने अब क्या कहा है, जानिए?

दिल्ली का निज़ामुद्दीन. यहां तबलीगी जमात के मरकज़ से जुड़े कोरोना के केस सामने आने के बाद जमात के प्रमुख मौलाना मोहम्मद साद की तलाश हो रही है. मौलाना साद समेत छह लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई है. इस बीच उनका नया ऑडियो आया है, जिसमें वो जमात के लोगों से हुकूमत (सरकार) का साथ देने और घर में रहने की अपील कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद को क्वारंटीन कर रखा है. इस बीच मोहम्मद साद की तलाश में दिल्ली से लेकर शामली तक छापे मारे जा रहे हैं.
इससे पहले मौलाना साद का एक ऑडियो सामने आया था जिसमें वो कह रहे थे कि मौत से कोई बच नहीं सकता है. मरने के लिए मस्जिद से अच्छी जगह नहीं हो सकती है. मौत के डर से मस्जिद बंद नहीं किये जा सकते हैं. उनके इस ऑडियो पर विवाद भी हुआ. नए ऑडियो में जमात के प्रमुख मोहम्मद साद कहते हैं, वो ख़ुद क्वारंटीन में हैं और जमात के लोग इकट्ठा ना हों और सरकार के कानून का पालन करें. इसमें वो कह रहे हैं,

इसमें कोई शक नहीं कि दुनियाभर में ये जो अजाब आया है हम इंसानों के गुनाहों का नतीजा है. इस वक्त यकीनी असबाब में जो आएं…..अपने घरों में रहते हुए दावत और तालीम का एहतराम करना है. ये अल्लाह के गुस्से को ठंडा करने का असल ज़रिया है. हुकूमत इंतज़ामिया का बराबर साथ देना है. मसलन, मज़मा जमा ना करना और इन हालात में हुकूमत की पूरी मदद करना ज़रूरी है. बंदा ख़ुद भी अपने आपको दिल्ली पुलिस की हिदायत पर ख़ुद को क्वारंटीन किए हुए है. जहां-जहां भी हमारी जमातें हैं, वो हुकूमत के कानून का पालन करें. दिल्ली में मौलाना साद के दोनों घरों (निजामुद्दीन और जाकिर नगर) के अलावा उत्तर प्रदेश के शामली में छापेमारी की गई.

13 मार्च से मौलाना साद ने मरकज में जोड़ का एक कार्यक्रम रखा था, जिसके लिए भारत ही नहीं विदेश से भी काफी लोग आए थे. इसी के चलते लॉकडाउन के बाद भी तबलीगी जमात के मरकज में हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे. तेलंगाना में छह और जम्मू-कश्मीर के एक व्यक्ति की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है. अकेले दिल्ली में कार्यक्रम में भाग लेने वाले 24 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. इसके अलावा, 441 लोगों को कोरोना जैसे लक्षण मिलने के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है. इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या का सही अंदाजा लगेगा. मरकज़ खाली करवाकर सैनिटाइज़ किया गया है. इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले कई लोग साइलेंट कैरियर के रूप में देश के कई इलाकों में गए. उन्हें ढूंढा जा रहा है ताकि उन्हें क्वारंटीन किया जा सके.
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