लॉकडाउन में बेटों संग रिक्शे से बिहार पहुंचे पिता, वहाँ पर इनके खांसने पर बाजार में मच गई भगदड़....

उत्‍तर प्रदेश में लॉकडाउन एक्‍सटेंशन को देखते हुए कोई पैदल, कोई जुगाड़ गाड़ी तो कई रिक्शे से घर पहुंच रहे हैं। बुधवार को उत्तर प्रदेश के रुड़की से अपने बुजुर्ग पिता को बैठाकर दो भाई बिहार आ गए हैं। मामला गोपालगंज के हथुआ का है। बताया जाता है कि हथुआ पहुंचते ही पिता अचानक जोर-जोर से खांसने लगे, इससे मुहल्‍ले में हड़कंप मच गया। बाजार में खरीदारी को पहुंचे लोग इधर-उधर भागने लगे। बाद में उन तीनों को क्‍वारंटाइन सेंटर भेजा गया।
बताया जाता है कि गोपालगंज के हथुआ गांव के रहने वाले टिमल पंडित अपने दोनों बेटों के साथ रुड़की में रहते थे। तीनों रुड़की में रिक्‍शा चलाकर अपना जीवन यापन करते थे। पिता टिमल पंडित के साथ हथुआ पहुंचने वाले दोनों बेट रामायण पंडित और छबीला पंडित ने बताया कि लॉकडाउन के बाद हमलोग वहीं फंस गए। एक सप्‍ताह से किसी तरह समय काट रहे थे। खाने-पीने में भी प्रॉब्‍लम होने लगी। 

उन्‍होंने बताया कि इसी बीच उनके पिता टिमल पंडित की तबीयत काफी बिगड़ गई। उन्‍हें सर्दी-खांसी हो गई। इलाज कराने वाला कोई नहीं था। तबीयत अधिक बिगड़ते देख हमलोगों ने पिता को रिक्शे पर बैठाकर अपने गांव मीरगंज थाना क्षेत्र के फतेहपुर टोला जिंदा पट्टी के लिए निकल पड़े। बड़कागांव पहुंचने पर अचानक पिता को खांसी आने लगी। बुजुर्ग अचानक खांसने लगे। जोर-जोर से खांसते देख सामान खरीदने आए लोग भागने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया है। बुजुर्ग सर्दी-खांसी से पीडि़त हैं।