"24 दिन से नहीं गए घर", वीडियो कॉल पर बात करते हुए छलक पड़ते हैं बेटी और पत्नी के आंसू!

भारत ही क्या इन दिनों दुनियां के कई देश कोराना संक्रमण की महामारी के संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लिए पुलिस कर्मियों का योगदान कोराना के मैदान ए जंग में न सिर्फ सरानीय है बल्कि स्मरणीय भी रहेगा। मध्य प्रदेश के भिंड के देहात थाने में पदस्थ निरीक्षक शैलेंद्र सिंह कुशवाह एवं रौन थाने में पदस्थ निरीक्षक संजीव नयन शर्मा पिछले 24 दिन से अपने बीवी बच्चों से नहीं मिल पाए हैं। ऐसा नहीं है कि उनका परिवार कहीं देश से बाहर है बल्कि 75 किमी दूर ग्वालियर में रह रहा है। 
लेकिन कोराना से जंग के चलते परिवार के प्रत्येक सदस्य से बस वीडियो कॉल पर हर रोज बात हो रही है। टीआई शैलेंद्र सिंह कुशवाह ने पत्रिका को बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते शुरू हुए लॉकडाउन में सुरक्षा व्यवस्था के लिए हमारा ड्यूटी पर रहना बेहद आवश्यक है। वे कहते हैं पहले देश फिर परिवार। उनका बड़ा बेटा उदयप्रताप सिंह चैन्नई में रहकर बीटेक थर्ड ईयर की पढ़ाई कर रहा है जबकि छोटा बेटा अक्षय प्रताप सिंह गुवाहटी के कॉलेज से आईआईटी की तैयारी कर रहा है। दोनों ही बेटे इन दिनों उनके ग्वालियर स्थित आवास पर 15 मार्च को ही आ गए हैं। बच्चों से वैसे कम ही मुलाकात हो पाती थी लेकिन अब जबकि वह दोनों अपनी मां उपमा सिंह के साथ घर पर हैं फिर भी उनके साथ बैठकर न तो बात हो पा रही है और ना ही उनके साथ खाना खाने का मौका है। 

इस समय न सिर्फ उनकी पत्नी उपमा सिंह को बल्कि बेटों को भी अपने पिता के कोरोना संक्रमित होने का भय सता रहा है। वैसे तो पत्नी ही उधर से हर रोज सुबह होते ही वीडियो कॉल कर हाल पूछ लेती हैं उसके अलावा बेटे भी वीडियो कॉल कर प्रति दिन खैरियत पूछ लेते हैं। शैलेंद्र सिंह बताते हैं कि देर रात को जब फ्री होता हूं तो खुद ही वीडियो कॉल कर अपने परिवार से मिल लेता हूं। भिंड जिले के रौन थाने में पदस्थ टीआई संजीव नयन शर्मा 13 मार्च को अपनी 23 वर्षीय बेटी वैदेही शर्मा एवं पत्नी रचना शर्मा से मिले थे। इनका परिवार भी ग्वालियर में ही रह रहा है। 75 किमी का फासला है।इन दिनों ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बच्चे किसी दूसरे देश में हैं और वह किसी दूसरे देश में।

संजीव नयन शर्मा के मुताबिक आंख खुलने से पहले उनकी पत्नी रचना और बेटी वैदेही वीडियो कॉल कर जगा देती हैं। उसके बाद जब बात करतीं हैं तो इस दौरान कई बार अपना ठीक से ख्याल रखने की बात कहतीं हैं। बेटी ने एक दिन कहा था कि पापा ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि आप नजदीक होकर भी इतने दूर हुए हो। वीडियो कॉल के दौरान मां-बेटी के आंसू छलक पड़ते हैं। वह पत्नी और बच्चों से सिर्फ यही कहते हैं कि कोरोना को हराकर जल्दी घर लौटेंगे।