"भरोसे लायक नहीं है मौलाना साद", दारुल उलूम फतवा जारी कर पहले ही कह चुका है

हजरत निजामुद्दीन मरकज के प्रमुख व मौलाना साद कांधलवी पहले भी विवादों के चलते चर्चाओं में रहे हैं। यह विवाद उनकी गलत बयानों को लेकर है। इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज और देवबंदी विचारधारा के केंद्र दारुल उलूम उनसे पिछले कई वर्षों से सख्त नाराज है। यही कारण है कि पूर्व में दारुल उलूम फतवा जारी कर कह चुका है कि वह (मौलाना साद) भरोसे के लायक नहीं है। वर्तमान हालात पर दारुल उलूम का कहना है कि मौलाना साद कदापि भरोसे लायक नहीं हैं।
देश ही नहीं विदेशों में होने वाले जलसों में मौलाना साद हदीसों की गलत बयानी करते रहे हैं। इसको लेकर विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम में लोग संपर्क कर इस संबंध में वार्ता करते हैं। मौलाना साद के द्वारा लगातार दीन इस्लाम की गलत व्याख्या पेश करने से नाराज दारुल उलूम ने दो वर्ष पूर्व फतवा जारी किया था। जिसमें साफ लिखा गया था कि मौलाना साद अपने हिसाब से हदीसे पेश कर रहे हैं। 

मौलाना साद का जवाब, अभी आइसोलेशन में हूं, मरकज खुलने के बाद दूंगा जवाब, निजामुद्दीन मरकज से फरार मौलाना साद ने शनिवार को अपने वकील के माध्यम से क्राइम ब्रांच को भेजे जवाब में कहा कि वह कोरोना वायरस के खतरे के कारण फिलहाल आइसोलेशन में हैं। 14 दिन पूरे होने के बाद वे क्राइम ब्रांच के 26 सवालों के जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल मरकज बंद है। इसके खुलने के बाद ही वे सवालों के जवाब देंगे।

मरकज से निकलकर देशभर में गए जमाती कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार के कहने पर क्राइम ब्रांच ने यहां जमात के आयोजक मौलाना साद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मौलाना के फरार होने के बाद क्राइम ब्रांच ने उनके वकील को नोटिस देकर लापरवाही बरतने पर 26 सवाल पूछे हैं। इनके जवाब में छिपे बैठे मौलाना ने वकील के माध्यम से कहा कि वह आइसोलेशन में हैं।
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