"ये एसपी घर के पीछे के दरवाजे से कर रहे आना-जाना" वजह जानकर खुश हो जाएंगे!

मैं लॉकडाउन की घोषणा के बाद से अपने आवास के सामने का रास्ता भूल गया हूं। हर दिन पीछे के दरवाजे से घर में प्रवेश करता हूं। अगली सुबह उसी पीछे के दरवाजे से ड्यूटी के लिए बाहर निकल जाता हूं। घर के बाहर ही पानी का पाइप लगा दिया गया है। पीछे के दरवाजे से घर में प्रवेश करने से पहले उसी पानी के पाइप से नहाता हूं। सारे कपड़े सैनीटाइज करता हूं। 
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इतने एहतियात बरतने के बाद भी मन में शंका रह जाती है इसलिए परिवार के सदस्यों से शारीरिक दूरी (फिजिकल डिस्टेंसिग) बनाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा हूं। पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा ने वैश्विक महामारी के इस काल में घर में रह रहे अपने प्रियजनों और आम जनता को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए खुद पर स्वयं लगाई गई पाबंदियों को दैनिक जागरण से बात करते हुए साझा किया। 

माहथा कहते हैं, ड्यूटी के दौरान हम लोग सैकड़ों लोगों से हर दिन मिल रहे हैं। क्वारंटाइन सेंटर जा रहे हैं। कई बार न चाहते हुए भी लोगों से संपर्क करना पड़ जा रहा है। सैनीटाइजर व मास्क का पूरी तरह प्रयोग करने के बावजूद हम लोगों पर संक्रमण का खतरा बना रहता है इसलिए घर में घुसने से पहले खुद को सैनीटाइज करने के सारे उपाय कर रहा हूं। मेरे साथ मां, पिताजी, एक बेटा व पत्नी साथ रहते हैं। उनकी सुरक्षा भी करनी है। यही कारण है कि आवास में ही अपना एक कमरा अलग कर लिया है। सारा काम उसी कमरे में अकेले बैठकर निपटा रहा हूं। एक अस्थायी बाथरूम घर के पीछे बनाया है। उसी का इस्तेमाल कर रहा हूं।
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