लॉकडाउन : सीमा पर डटे रहे डीएम और पुलिस को चकमा देकर ऐसे घुस आए परदेसी बाबू!

देश-प्रदेश में घोषित लॉकडाउन में दूसरे राज्यों और शहरों से निकल पड़े लोगों की परेशानी को देखते हुए सरकार एक दिन के लिए प्रदेश की सीमाएं खोली तो सड़कों पर हुजूम उमड़ पड़ा। इससे कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ता देखकर सरकार ने सोमवार की जिलों की सीमा से प्रवेश बंद करने और जो जहां है उसे वहीं ठहरने का आदेश जारी कर दिया। फतेहपुर में भी डीएम हाईवे की कानपुर सीमा पर डट गए, लेकिन प्रवासियों की क्या कहें उन्हें तो बस किसी तरह घर पहुंचना था और वो नदी में ही उतर गए। प्रशासन की नजरों से बचकर नदी पार करके जनपद में घुस गए।
प्रशासन ने कानपुर व फतेहपुर सीमा को हाईवे में छिवली नदी (पांडु नदी) के पास सील कर दिया था। कानपुर से फतेहपुर में प्रवेश करने के लिए सीमा पर करीब एक हजार की संख्या में लोग ठहर गए। ये सभी दिल्ली, हरियाणा, नोएडा, आगरा, मथुरा आदि बड़े शहरों से घरों को लौट रहे हैं। कानपुर सीमा पर पहुंचने वाले ज्यादातर बुंदेलखंड, प्रयागराज, झारखंड व बिहार के रहने वाले हैं।

सोमवार की दोपहर फतेहपुर डीएम संजीव कुमार सिंह छिवली नदी पुल सीमा पर पहुंच गए और पूरी तरह से सील कर दिया। दूसरे छोर पर कानपुर जनपद का पुलिस फोर्स तैनात हो गया। इस बीच पैदल, चार पहिया वाहनों, बाइकों से जाने वाले करीब एक हजार से अधिक लोगों का हुजूम ठहर गया। पैदल चलने वालों को तो बस राह की तलाश थी और चलते चलते गलाथा गांव के पास से पांडु नदी पार करके निकलने लगे। नदी पार कर रहे प्रयागराज के राकेश कुमार, झारखंड बबन, हुसेनगंज फतेहपुर के धर्मेंद्र कुमार और मिर्जापुर के मानिक चंद्र शर्मा तथा प्रयागराज के लोग शामिल थे।

नदी में पानी होने के कारण पैंट उतार कर हाथ में पकड़ा और सिर पर बैग रखकर पानी में उतर गए। किसी तरह नदी को पार करके दूसरी तरफ आ गए। उन्होंने कहा कि हमें तो बस अब घर पहुंचना है, जहां इतनी बाधाओं में यहां तक आ गए हैं तो आगे भी किसी तरह पैदल चलकर पहुंच ही जाएंगे। भूख-प्यास से बेहाल उन्हें सिफ अब अपनी मंजिल ही नजर आ रही है। वहीं दूसरी ओर चार पहिया और दोपहिया वाहन सवार करचलपुर गांव होकर करबिगवां से कानपुर की ओर निकल गए। इसी तरह कानपुर से करबिगवां से करचलपुर होकर फतेहपुर में वाहन प्रवेश करते रहे।
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