कोरोना से परेशान इटली के लोग सड़कों पर फेंक रहे पैसा, कहा- "ऐसा पैसा किस काम का जो जिंदगी नहीं बचा सकता"

बहुत सी सोशल मीडिया पोस्ट पर फोटोज वायरल हो रही है और ये कहा जा रहा है कि इटली के लोग कोरोना से परेशान हो कर अपना पैसा सड़कों पर फेंक रहे हैं और कह रहे हैं कि ऐसा पैसा किस काम का जो हमारी जिंदगी नहीं बचा सकता। तो क्या वाकई में लोग पैसा फेंक रहे हैं और इस दावे में कितनी सच्चाई है। आइए यहाँ जानते हैं।

अफवाह कौन फैला रहा है?
कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ता, विशेष रूप से ट्विटर और फेसबुक पर, इन फोटोज को शेयर करते हुए देखा गया कि अमीर इतालवी अपने पैसे फेंक रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि पैसा उन्हें स्वास्थ्य नहीं खरीद सकता है और इस तरह पैसा अभी उनके लिए काम का नहीं है। कुछ विदेशी पत्रकारों ने भी ट्वीट को शेयर किया है। इटली में मृत्यु का आंकड़ा 12,000 को पार कर गया है, जो दुनिया में कहीं भी वायरस के प्रकोप के कारण दर्ज की गई मौतों की अधिकतम संख्या है।

क्या है इसकी पूरी सच्चाई
रिपब्लिक वर्ल्ड टीम द्वारा किए गए तथ्य जांच के अनुसार, अफवाह झूठी है। वास्तविक फोटो वेनेजुएला की सड़कों की है जहां पुरानी बोलिवर करंसी को सड़कों पर फेंक दिया गया था। वेनेजुएला के कई पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने लूट की घटना के बाद इन फोटोज को शेयर किया था। वायरल तस्वीर को स्पष्ट रूप से 11 मार्च, 2019 को पोस्ट किया गया था। वेनेजुएला के समाचार आउटलेट ने उस दौरान उल्लेख किया था कि बैंक को लूटने वाले लोगों ने पुराने पैसे सड़कों पर फेंक दिए थे जो चलन में नहीं थे, जबकि कुछ को आग में जलाया गया था।
जिस करंसी को फोटो में दिखाया गया है वह वेनेजुएला की पुरानी मुद्रा है जिसे Bolivar Fuerte के नाम से जाना जाता है। विकिपीडिया से पुरानी Bolivar Fuerte फोटोज के साथ आप सड़कों पर पड़ी करंसी की तुलना कर सकते हैं। अगस्त 2018 में Bolivar Fuerte के रूप में जानी जाने वाली पुरानी करंसी को Bolivar Soberano नामक नई मुद्रा से बदल दिया गया था। पुरानी Bolivar Fuerte करंसी 5 दिसंबर, 2018 को वापस ले ली गई थी, जिसके बाद पुरानी मुद्रा का कोई मूल्य नहीं था।
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