कोरोना से ग्रस्त तब्लीगी जमाती ने डॉक्टर पर थूका, बोला..."मुझे मौत से डर नहीं लगता, मेहमानवाजी करो मेरी"

कानपुर के रामा अस्पताल के क्वारंटाइन में रखे गए तब्लीगी जमातियों में रविवार को एक सदस्य की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर कोराेना वायरस संक्रमण की पुष्ट हो गई। इसपर सीएमओ ने उसे सरसौल सीएचसी के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया तो उसने वहां जमकर उत्पात मचाया। कोरोना संक्रमित जमाती ने पहले थे मेडिकल टीम और डॉक्टर पर थूंक दिया और फिर कहा-मुझे मौत से डर नहीं लगता, क्या होती है मौत?
इसके बाद उसने आइसोलेशन रूम के दरवाजे काे अंदर से बंद कर लिया तो स्वास्थ्य महकमे में अफरा तफरी मच गई। सीएचसी में सुरक्षा के मद्​देनजर पुलिस बल तैनात किया गया है। मछरिया खैर मस्जिद से पकड़े गए तब्लीगी जमात में शामिल युवक को रामा मेडिकल कॉलेज के क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था।रविवार को लखनऊ एसजीपीजीआई से आई जांच रिपोर्ट में तब्लीगी जमात के 33 वर्षीय युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। 

दोपहर बाद कोरोना पॉजिटिव युवक को रामा मेडिकल कॉलेज से सरसौल सीएचसी में लाया गया। सीएचसी सरसौल में आते ही युवक ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। मेडिकल टीम ने समझाने का प्रयास किया तो गालीगलौज करते हुए वह चिकित्सक पर थूंकने लगा। बमुश्किल मेडिकल टीम ने उसे आइसोलेशन वार्ड में पहुंचाया। कोरोना संक्रमित युवक ने कक्ष का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और बुलाने पर भी दरवाजा नहीं खोला। इससे सीएचसी में अफरा तफरी मच गई। पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। 

अंत में जब चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि यदि दरवाजा नहीं खोला तो तुम्हारी शिकायत मुख्यमंत्री से कर देंगे। उन्होंने इलाज में परेशान करने वालों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई करने की बात कही है। इसके बाद उसने दरवाजा खोला और कहा-क्या होती है मौत, मुझे मौत से डर नहीं लगता। मेहमानवाजी करो मेरी। सीएचसी प्रभारी एस एल वर्मा ने बताया कि इलाज में कोरोना संक्रमित युवक बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहा है। अभद्रता और थूंकता है और कहता है इलाज नहीं खातिरदारी करो हमारी।