जब साइकिल से ही लॉकडाउन का हाल जानने के लिए निकल पड़े एसपी साहब, तो जानिए क्या हुआ...

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए लगे लॉकडाउन का कई जगह लोग पालन नहीं कर रहे। यूपी के औरैया मे भी पुलिस अधिकारियों को कुछ इसी तरह की शिकायत मिली कि लोग बिना किसी काम के बाहर निकल रहे हैं। जानकारी मिलने के बाद एडिशनल एसपी कमलेश दीक्षित ने तय किया कि वह गांवों का हाल जानने अपनी कार से नहीं बल्कि साइकिल से जाएंगे। उन्हें साइकिल पर कोई पहचान भी नहीं पाया। रास्ते में आ जा रहे लोगों को उन्होंने सख्त चेतावनी दी।
एडिशनल एसपी कमलेश दीक्षित ने आवश्यक वस्तुओं के अलावा खुली अन्य दुकानों को बंद कराया। इसी के साथ उन्होंने दुकानदारों को चेतावनी भी दी। उन्होंने बाजार में खरीदारी करने के लिए आए लोगों को मास्क पहनकर निकलने की हिदायत दी। बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी और फिर ऐसा मिलने पर कार्रवाई को कहा।

बता दें कि इससे पहले भी यूपी के कई अधिकारी इस तरह बाजार में सच्चाई जानने निकल चुके हैं। वाराणसी के डीएम और एसपी आम आदमी की तरह झोला लेकर एक दुकान पर खरीदारी करने पहुंच गए थे। वहां ज्यादा दाम पर सामान देने पर दुकानदार पर कार्रवाई की। इसी तरह लखनऊ के मोहनलालगंज की एसडीएम पल्लवी ने भी फटे कपड़े और फटे झोले के साथ पुरानी हवाई चप्पल पहनकर एक दुकान पर पहुंच गई। यहां भी ज्यादा दाम पर सामान बेचा जा रहा था।

रामपुर के जिलाधिकारी आधी रात के वक्त अपने एक कर्मचारी की मोटर साइकिल लेकर खुद ही डीएम आवास से से निकल पड़े। नाइट पेट्रोलिंग में कोई पुलिसकर्मी पहचाने न साथ ही कानून का भी उल्लघंन भी न हो, इसके लिए उन्होंने बाकायदा हेलमेट लगा लिया। परिजनों के अलावा किसी कर्मचारी को नहीं बताया कि कहां जा रहे हैं। यहां तक कि बंगले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी उनके गेट के बाहर निकलते वक्त नहीं पहचान पाए कि मोटर साइकिल पर डीएम साहब ही निकले हैं बाहर।