पहले घर का राशन बेच दिया, फिर प्रशासन से अनाज के लिए लगाई गुहार और फिर जानिए क्या हुआ!

कोरोना संक्रमण के दौरान शासन द्वारा लगाए गए लॉकडाउन तथा गरीब परिवारों को तीन माह का उपलब्ध कराए जा रहे राशन में ९ अप्रैल को हितग्राहियों ने कोटे की राशन को निजी दुकानों में बेचे जाने की घटना सामने आई है। जहां शिकायत पर कोतमा एसडीएम अमन मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। जिसमें यह बात सामने आई कि हितग्राहियों को हाल के दिनों में अनाज मिले थे और उन्होंने उसे पास के दुकान में बेच दिया। 
यहीं नहीं कुछ हितग्राहियों ने प्रशासन से घर में खाने के अनाज नहीं होने तक की शिकायत करते हुए अनाज उपलब्धता की मांग की थी। एसडीएम ने शिकायत कर्ताओं के साथ जिन दुकानों पर बेचा गया था बयानों पर पंचनामा तैयार किया। साथ ही हितग्राहियों व दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। एसडीएम ने बताया कि फुलकोना निवासी ओमप्रकाश ने अपनी बुआ का गेहूं 9 किलो, 16 रूपए के भाव से किराना दुकान संचालक सलमान किराना को बेचा था। 

जबकि प्रताप घसिया ने 15 किलो अनाज 24 रूपए के हिसाब से बाल गोविंद गुप्ता की किराना दुकान में विक्रय किया था। इसी तरह श्यामलाल को अंत्योदय योजना के तहत 3 माह का राशन 140 किलो प्राप्त हुआ था, पुन: इसके द्वारा राशन खत्म होने की शिकायत की गई थी, जिसपर प्रशासनिक स्तर पर १०५ किलो अनाज श्यामलाल को दिए गए थे। बावजूद इसके द्वारा पुन: 108 पर शिकायत कर राशन घर में खतम होने की बात कही है।