अपने ड्यूटी पर जा रही महिला सिपाही का गला पतंग के मांझे से कटा, पतंग उड़ाने वाले की तलाश

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये डयूटी पर जा रही महिला सिपाही प्रीती के अचानक गले में पतंग का मांझा फंस गया, जिससे वह स्कूटी समेत वहीं गिर गई। गंभीर घाव के साथ उनकी उनकी गर्दन काफी गहराई तक कट गई। पूरी वर्दी खून में सन गई। उन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां हालात गंभीर बनी हुई है। वह अभी कुछ बोल भी नहीं पा रही हैं।
इंस्पेक्टर गाजीपुर बृजेश सिंह के मुताबिक ओवरब्रिज के आसपास पतंग उड़ाने वालों का भी पता लगाया जा रहा है। मूलरूप से पीलीभीत निवासी प्रीती डीसीपी वूमेन क्राइम कार्यालय में तैनात हैं। पुलिस ने घटना की सूचना उनके परिवारीजनों को भी दे दी है, जो पीलीभीत से आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते मौजूदा में उनकी ड्यूटी फील्ड में लगी है। पुलिस लाइन से शनिवार को उनकी ड्यूटी लोहिया पुलिस चौकी पर लगी थी। 

वह स्कूटी से जा रही थीं, तभी रास्ते में अचानक यह हादसा हो गया और गला काफी गहराई तक कट जाने से वह लहूलुहान होकर ओवरब्रिज पर ही गिर गईं। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। प्रीती हेलमेट लगाएं थीं, नहीं तो जिस रफ्तार से वह जा रहीं थीं, उनकी जान को भी खतरा हो सकता था, उनका सिर सड़क से भी टकराया, लेकिन हेलमेट की वजह से उनका सिर सुरक्षित रहा। 

पहले भी हो चुके हैं हादसे.. पतंग के मांझे से राजधानी में पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं। पुरनिया, निरालानगर, पॉलीटेक्निक, गोमतीनगर, निशातगंज समेत कई ओवरब्रिज पर कई लोग मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, लेकिन मांझा बेचने पर फिर भी प्रतिबंध नहीं लग सका। सख्ती से कार्रवाई नहीं होने के चलते ऐसे हादसों की संख्या में इजाफा हो रहा है।