कनिका कपूर अब कोरोना से ठीक होने के बाद फंस सकती हैं नई मुश्‍किल में, जानें कितने साल की जेल हो सकती है!

कोरोनो वायरस से संक्रमित होने और शहर में खुद को आइसोलेट करने के अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देश के बावजूद शहर में विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने को लेकर और लापरवाही बरतने के आरोप में कनिका के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। उनके खिलाफ शहर के सरोजनी नगर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188, 269 और 270 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह प्राथमिकी लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। 
वह देश की पहली बॉलीवुड सेलिब्रिटी हैं, जिन्हें यह घातक संक्रमण हुआ है। कनिका कपूर की लगातार चार रिपोर्ट्स कोरोना पॉजिटिव आई थीं। जिसके बाद उनके परिवारवाले काफी परेशान हो गए थे। डॉक्टर्स का कहना था कि कनिका kanika kapoor एकदम ठीक हैं। उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। पांचवीं के बाद कनिका कपूर की अब छठी रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है, इसलिए उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। कोरोना वायरस संक्रमित बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की छठी रिपोर्ट निगेटिव आई है। कनिका कपूर को पीजीआई से डिस्चार्ज कर दिया गया है। वह कोरोना वायरस से संक्रमित थीं और पीजीआई में उनका इलाज चल रहा था। घर में अभी 14 दिन तक क्वारंटाइन में रहेगी।

पुलिस बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर kanika kapoor का बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है। कनिका के खिलाफ दर्ज एफआइआर में सात साल से कम की सजा है। ऐसे में उन्हें फौरन गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। डॉक्टरों ने कनिका को कुछ दिन आराम करने और उन्हें क्वारंटाइन रहने के लिए कहा है। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने बताया कि 14 दिनों का क्‍वारंटाइन खत्म होने के बाद कनिका कपूर से लखनऊ पुलिस पूछताछ करेगी। उन्होंने बताया कि कनिका के खिलाफ लखनऊ के थाना सरोजिनी नगर में आईपीसी की धारा- 188, 269 और 270 के तहत एफआईआर दर्ज है। ऐसे में पुलिस की टीम उनसे पूछताछ करेगी। जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की शिकायत पर सरोजनी नगर थाने में कनिका पर आईपीसी की धारा 188, 269 और 270 के तहत केस दर्ज हुआ था। दो अन्य एफआईआर हजरतगंज और महानगर थाने में दर्ज की गई थी। 

कनिका पर सरकार के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने और जानबूझकर लोगों की जान खतरे में डालने का आरोप है। लखनऊ में अलग-अलग पार्टियों में उत्तर प्रदेश ही नहीं, देश के तमाम लोग शामिल हुए थे। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह स्वास्थ्य मंत्री भी इसमें शामिल हुए थे और उन लोगों ने अपनी कोरोना वायरस जांच कराई थी। हालांकि, ज्यादातर लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद 20 मार्च को लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएशन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (पीजीएम) अस्पताल में भर्ती हुईं कनिका कपूर अब पूरी तरह से ठीक हो गई हैं। कनिका की लगातार दूसरी रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव आई है। इसके बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। घर लौटने के बाद भी कनिका को सतर्कता बरतने को कहा गया है।