भाँग खाकर बोला आरोपी, "प्रभु की इच्छा थी इसीलिए कर दी हत्या"

दोनों साधुओं से कोई रंजिश नहीं थी, बस प्रभु की ऐसी ही इच्छा थी, इसलिए डंडे से सिर पर वार कर दोनों की हत्या कर दी। ये शब्द पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ के दौरान नशे की हालत में डीएम व एसएसपी से कहे। जिन्हें सुनकर अधिकारी भी स्तब्ध रह गए। कोतवाली क्षेत्र के गांव पगौना के शिव मंदिर में हुए साधुओं के दोहरे हत्याकांड का राजफाश कर दिया गया है। ग्रामीणों ने आरोपी को वारदात स्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक खेत में छिपा हुआ पकड़ लिया था। 
इसके बाद उसकी पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया। आरोपी ने मौके पर डीएम रविंद्र कुमार व एसएसपी संतोष कुमार सिंह को पूछताछ में बताया कि उसकी साधुओं से कोई रंजिश नहीं थी। देर रात करीब दस बजे प्रभु (भगवान) की इच्छा थी। इस कारण उसने साधुओं के पास रखे एक डंडे से सिर पर गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद वह खेतों में ही दौड़ता रहा था। साथ ही आलाकत्ल डंडे को वारदात स्थल से करीब दो सौ मीटर दूर फेंक दिया था। जिसे बाद में बरामद कर लिया गया। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। 

भिक्षा कर जीवनयापन करते थे साधु बाबा जगदीशदास करीब पंद्रह साल पहले अलीगढ़ जिले के भदेशी आश्रम से पगौना आये थे और शिवमंदिर में रहकर भजन पूजा करते थे। शेरसिंह उर्फ सेवादास भी करीब छह साल पहले कनौरा गांव से शिवमंदिर में आये थे। उन्होंने जगदीशदास को अपना गुरू बना लिया था तथा उनके साथ ही मंदिर में रह रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों साधु सात्विक प्रवृति के थे तथा आस पास के गांव में भिक्षा कर अपना जीवन यापन कर रहे थे। 

विश्व हिंदु परिषद के पदाधिकारियों ने भी ली जानकारी विश्व हिंदु परिषद के प्रांत मंत्री डा. राजकमल गुप्ता व क्षेत्रीय संगठनमंत्री मनोज कुमार वर्मा ने भी स्थानीय विहिप पदाधिकारियों को कॉल कर मामले की जानाकरी ली तथा समस्त घटनाक्रम से विहिप के अखिल भारतीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार को अवगत कराया। इसके अलावा संगठन ने साधुुओं की हत्या की निंदा की है।