लॉकडाउन में दूध लेने निकले ग्रामीण से लूटपाट, पकड़ने गई पुलिस तो उनके साथ भी कर दिया ऐसा काम....

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला के पिथौरा में एक ग्रामीण से मारपीट और लूटपाट करने का मामला प्रकाश में आया है। घटना की सूचना मिलने पर आरोपित को पकड़ने गई पुलिस की टीम पर भी हमला कर दिया गया। इससे पिथौरा में पदस्थ महिला थानेदार कमला पुसाम ठाकुर को हाथ और पैर में चोटें आई है। ग्रामीण को पुलिस का मुखबिर बताकर मारपीट की गई है। जेब में रखे रुपये निकाल लेने से पुलिस ने लूटपाट का अपराध पंजीबद्ध किया है। 
पुलिस के अनुसार ग्राम अर्जुनी निवासी किसान डालेश्वर पटेल पिता भुवन लाल पटेल उम्र 40 वर्ष आज सुबह लूटपाट का शिकार हो गया। वह अपने मोटर सायकल से अपने साथी उमाशंकर पटेल के साथ ग्राम अर्जुनी से पिथौरा राशन सामान, मवेशी के लिए दाना तथा दूध लेने पिथौरा आया था। सुबह करीब सवा छह बजे वह आत्माराम यादव के मकान के पास पहुंचा था कि नहर रोड के पास पिथौरा निवासी गोपाल पाण्डेय अपने कार के पास खड़ा था। रास्ते में रोक कर मां-बहन की गालियां देते हुए पुलिस की मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए मारपीट करने लगा।
साथ ही कहने लगा कि किसी को कोरोना हो जाएगा और फैल जाएगा लोग मरेंगे तो तेरा क्या जाएगा? कोरोना वायरस का तुम ठेका ले लिए हो क्या? ऐसा कहते हुए मारपीट करते हुए ईंट से सिर पर वार कर दिया। जिससे चोटें आई है। इस दौरान शर्ट के ऊपर पाकेट में रखे 4300 रुपये नगदी रकम को गोपाल पाण्डेय ने निकाल लिया। साथी ने बीचबचाव किया तो उससे भी धक्कामुक्की करते हुए जान से मारने की धमकी दी। और अपने कार में बैठकर चला गया। 
रिपोर्ट पर पुलिस ने भादवि की धारा 294, 323, 506, 341,392,394 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। इधर, इस घटना की सूचना मिलने पर आरोपित गोपाल पांडेय को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची पिथौरा पुलिस की टीम पर आरोपित के परिजनों ने डंडा से हमला कर दिया। इससे टीआई कमला पुसाम सहित सात पुलिस कर्मी घायल हो गए हैं। आरोपित पुलिस गिरफ्त से बाहर है।