लॉकडाउन में एकता की मिसाल, मां ने मांगी बेटे के लिए मदद, तो रक्तदान करने पहुंच गया युवक

रमजान माह की शुरूआत शनिवार से हो गई है। शनिवार को पहला रोजा था। इस बीच शहर के मित्तल हॉस्पिटल में मांडू का एक युवक भर्ती है। पसली में पानी भर जाने के कारण युवक को ब्लड की आवश्यकता है। लेकिन लॉकडाउन के चलते बी-पॉजिटिव ब्लड की व्यवस्था नहीं हो पाई। जानकारी लगने पर एक मुस्लिक युवक आगे आया और रोजे में रक्तदान किया।
दरअसल मित्तल हॉस्पिटल में मांडू का राजेश नामक युवक भर्ती है। पसली में पानी भरने की शिकायत के चलते राजेश का ऑपरेशन किया जाना है। ऑपरेशन में ब्लड की आवश्यकता के कारण देरी हो रही थी। राजेश की मां गंगा बाई ने हॉस्पिटल के नीचे भाजी बाजार के जावेद खान से मदद मांगी। किस्मत से जावेद और उनके मित्र बाबा कमाल इंडियन ब्लड डोनेशन ग्रुप का संचालन करते है। 
ग्रुप के माध्यम से जिलेभर में ये रक्तदान कर लोगों की मदद करते है। जावेद ने बी-पॉजिटिव ब्लड के लिए तत्काल उनके मित्र अल्फेश खान से संपर्क किया और रक्तदान करने की बात बताई। जानकारी मिलते ही अल्फेश रक्तदान के लिए तैयार हो गए। शनिवार को दोपहर में अल्फेश ने ब्लड डोनेट किया। रक्त मिलने से राजेश का ऑपरेशन हो सकेगा। अल्फेश ने बताया कि रमजान में खुदा ने नैकी का मौका अदा फरमाया है। इस महामारी में जिसे भी जरूरत हो वो लोगों की किसी न किसी तरह से मदद करें। 
ग्रुप के सदस्य जावेद खान वहीं शख्स है, जिनकी मां की मौत चार दिन पहले लॉकडाउन में इलाज नहीं मिलने से हुई थी। उन्होंने बताया कि जब रक्तदान की जानकारी मिली तो तत्काल व्यवस्था करवाई गई। ताकि किसी ओर की मृत्यु इलाज में देरी के कारण न हो। उन्होंने बताया कि संस्था से 1 हजार 500 से अधिक लोग जुड़े है, जो समय-समय पर रक्तदान करते है। इमरजेंसी में लोगों को परेशान न होना पड़े इसलिए ग्रुप जिले में कहीं भी मदद पहुंचाने का काम करता है।