लॉकडाउन में एम्बुलेंस से लाश को घर ले जा रहे थे ये लोग और जब पुलिस ने खुलवाया एम्बुलेंस तो "लाश के होश उड़ गए!"

देशभर में लॉकडाउन के वजह से जहां-तहां फंसे लोग अपने-अपने राज्य जाने के लिए नए-नए तरीके निकाल रहे हैं. जिसके पास कोई साधन नहीं, वो पैदल ही निकल पड़ रहा. कश्मीर से एक ऐसा मामला सामने आया कि पुलिस भी हैरान रह गई. मामला पुंछ जिले के सुरनकोट का है. वहां कुछ लोग पुलिस को चकमा देकर निकलने की कोशिश कर रहे थे. 
ये लोग अपने साथी का डेथ सर्टिफ़िकेट दिखाकर और एम्बुलेंस में लिटाकर घर ले जा रहे थे. पुलिस ने इन चारों को फर्जी डेथ सर्टिफिकेट के साथ गिरफ़्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.

जानिए क्या है ये पूरा मामला

जम्मू-कश्मीर राज्य में भी कोरोना के चलते लॉकडाउन है. आवश्यक सेवा वाहनों और एंबुलेंस को चलने की छूट दी गई है. जम्मू के पुंछ जिले की सुरनकोट पुलिस ने जम्मू-पुंछ हाइवे पर जांच के लिए नाकेबंदी कर रखी है. इस दौरान एक निजी एंबुलेंस आती दिखी. पुलिस ने एंबुलेंस को रोककर पूछताछ की, तो कहा गया कि एक व्यक्ति की मौत हो गई है. उसी की लाश पीछे रखी हुई है, लाश को गांव ले जा रहे हैं. इन लोगों ने पुलिस को व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट भी दिखाया.

पुलिस को शक हुआ. उन्होंने शव की जांच की. हाकिम दीन नाम का व्यक्ति, जिसे मृत बताया जा रहा था, वो जीवित था और पीछे की सीट पर लेटा हुआ था. पुलिस को देखते ही लाश बनकर लेटा हुआ शख्स उठ बैठा. पुलिस ने एंबुलेंस जब्त कर उन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. एंबुलेंस चालक और हाकिम दीन समेत एम्बुलेंस में मौजूद सभी को हिरासत में ले लिया. पुलिस फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र की भी जांच कर रही है, जिसे राजकीय मेडिकल कॉलेज, जम्मू से जारी किया बताया जा रहा है.