अपने ही बेटे के पेट में बाप ने घोंप दी टूटी हुई शराब की बोतल, और फिर जो किया जानकर हो जायेंगे हैरान!

अक्सर यह बात कहीं जाती है कि शराब का नशा खुद इंसान के लिए कई बार उसकी दुश्मन बन जाता है। यह सिर्फ कहावत नहीं बल्कि हकीकत है। शराब के नशे में इंसान के सोचने-समझने की शक्ति खो जाती है। वह क्या करता है, खुद उसे इसका होश नहीं रहता है। ऐसे ही शराब के नशे में धुत्त एक बाप-बेटे के बीच मारपीट हो गयी। जब मामला हद से ज्यादा बढ़ गया और बेटा घर में तोड़-फोड़ करने लगा तो बाप ने बेटे के पेट में टूटी हुई बोतल का शीशा घोंप दिया।  
बोतल घोंपने के बाद बेटे की आंत बाहर आ गयी। किसी तरह उसके बेटे को पड़ोसियों ने अस्पताल पहुँचाया। चिकित्सको की टीम ने ने बेटे का ऑपरेशन किया। बाद में उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद परिवार के लोग और अन्य पड़ोसी काफ़ी सहमे हुए हैं। इस घटना की सबसे हैरान करने वाली यह है कि बेटे के पेट में बोतल घोंपने के बाद बाप खुद ही इसकी सूचना देने के लिए कोतवाली पहुँच गया। स्टाफ हाउस के रहने वाले हरीश लाल मल्लीताल फ्लैट्स पार्किंग जाने वाली सड़क के किनारे लकड़ी की मूर्तियाँ और गिफ्ट आइटम बेचता है।

हरीश का 22 वर्षीय बेटा ध्रुव झील में नाव चलाने का काम करता है। दोनों अक्सर आपस में शराब पीने के बाद झगड़ा करते थे। जिसकी वजह से पड़ोसियों को भी काफी परेशानी होती थी। पिछले दो दिनों से काफी शांति का माहौल बना था। पिछली रात ध्रुव और उसके पिता नशे में घर पहुँचते ही आपस में भीड़ गए। बेटे ने घर में तोड़-फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद पिता गुस्से में अपना आप खो बैठा और टूटी हुई बोतल का शीशा उसके पेट में घोंप दिया। जिसके बाद ध्रुव वहीँ लहूलुहान होकर गिर पड़ा।

बाद में बेटे को शीशा घोंपने के बाद बाप खुद ही इसकी सूचना देने के लिए कोतवाली पहुँच गया और पुलिस को इसकी सूचना दी। घर में हो हल्ला सुनकर तड़प रहे ध्रुव को पड़ोसी बीडी पांडे ने अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों ने ध्रुव का ऑपरेशन करके पेट से कांच का टुकड़ा निकाल दिया। बाद में उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया। सूचना मिलने के बाद कोतवाली के बीसी मासीवाल भी मौके पर पहुँच गए। एम्बुलेंस का चालाक भी काफी देर से पहुँचा। चालाक की लेट-लतीफी से लोग काफी गुस्सा थे। उनका कहना था कि गरीब तबके के लोगों को ले जाने में हमेशा देरी की जाती है।