लॉकडाउन में दारोगा ने दूसरे दारोगा को मार दिया गोली, मौत होने के बाद बताई ये सच्चाई

बुलंदशहर के बीबी नगर थाने के सरकारी आवास में एक दारोगा की गोली लगने से मौत हो गई। जांच में यह बात सामने आई कि यह गोली दूसरे दारोगा के सर्विस रिवाल्वर से चली है, जो उसे अस्पताल में भर्ती कराने के बाद फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने आरोपी दारोगा को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, आरोपी दारोगा ने कहा कि वह दारोगा को नहीं मारा, बल्कि पिस्टल निकालते समय अचनाक गोली चल गई, जिससे दूसरे दारोगा की मौत हो गई थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गाजियाबाद के मुरादनगर के गांव जलालपुर निवासी बिजेंद्र सिंह वर्तमान में बीबीनगर थाने पर तैनात थे। वह थाने में ही बने सरकारी क्वाटरों की तीसरी मंजिल पर बने एक क्वाटर में अकेले रहते थे। देर रात इसी थाने पर तैनात और शामली के गांव मालेंडी निवासी दूसरे दारोगा नरेंद्र पाल सिंह उनके क्वाटर पर गए। कुछ देर के बाद अचानक क्वाटर के अंदर गोली चली। तभी, नरेंद्र पाल ने यह सूचना थाने में ड्यूटी दे रहे एक मुंशी को दी। मुंशी की मदद से दारोगा बिजेंद्र सिंह को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 
उपचार के दौरान दारोग़ा की मौत हो गई।। जिसके पिस्टल से गोली चली उस दारोगा को गिरफ्तार कर लिया गया है। अस्पताल में जब आरोपी दारोगा नरेंद्र पाल को जानकारी मिली की उसकी गोली से घायल दारोगा बिजेंद्र सिंह की हालत ठीक नहीं है। विभाग के लोगों के मुताबिक आरोपी दारोगा ने कहा कि वह थाने से पैसे लेने जा रहा है। इसके बाद वह अपनी गाड़ी से फरार हो गया। 
हालांकि सर्विलांस की मदद से रात में ही दारोग़ा को गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र से एक पीआरवी की मदद से गिरफ्तार किया गया। एसएसपी का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी। जिस दारोगा नरेंद्र पाल की सर्विस रिवाल्वर से गोली चली है। उनका कहना है कि उनका पेट खराब था। वह फ्रेश होने के लिए बिजेंद्र सिंह के क्वाटर पर गए थे। नाइन एमएम की पिस्टल लोड थी। जब वह पिस्टल निकालकर टेबल पर रखने लगे तो अचानक गोली चल गई और दारोग़ा बिजेंद्र के पेट मे गोली लग गईं।