जमातियों की रिपोर्ट आने तक गांव को किया गया पूरी तरह सील!

दिनेशपुर ग्राम जयनगर खत्ते से पकड़े गए छह संदिग्ध कोरोना जमातियों के बाद पुलिस ने गांव की सभी सीमाओं को सील कर दिया है। जमातियों के परिवार पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही रास्ता खोला जाएगा। फिलहाल परिजनों को घर के अंदर रहने को कहा गया है।
शुक्रवार को पुलिस एवं क्यूआरटी टीम ने ग्राम जयनगर खत्ते से जमात के छह लोगों को पकड़कर जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में रखा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के लिए इनके नमूने लेकर हल्द्वानी भेज दिया है। सभी दिल्ली में होने वाली जमात में शामिल होने निकले थे। मगर लॉकडाउन होने से वे नजीबाबाद से ही लौट आए थे। शनिवार को पुलिस ने गांव की सभी सीमाओं पर भारी पुलिस बल तैनात कर परिजनों को घर मे रहने के निर्देश दिए। इस बीच परिजनों को घरों में रखने के साथ साथ किसी का भी गांव में प्रवेश वर्जित कर दिया है। 

उधर सितारगंज में आगरा से लौटे 15 श्रमिकों को पंतनगर क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है। यह सभी श्रमिक आगरा के कोल्ड स्टोरेज में काम करते हैं। दो दिन पहले यह गौरी खेड़ा गांव पहुंचे थे। जहां सभी को एक स्कूल में ठहराया गया था। इसके अलावा दिल्ली से आए युवक को खटीमा क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है। गौरी खेड़ा निवासी 15 श्रमिक आगरा में एक कोल्ड स्टोरेज में काम करते हैं। लॉक डाउन होने के बाद यह सभी श्रमिक बुधवार की रात पैदल गौरी खेड़ा पहुंचे थे। 

बार्डर पर ही जहां पुलिसकर्मियों ने इन्हें रोक लिया था। इसके बाद सभी को गांव के प्राथमिक विद्यालय में ठहरा दिया गया था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. राजेश आर्य ने बताया कि जब श्रमिक गांव पहुंचे थे तब उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया था। जिनकी रिपोर्ट सामान्य आई थी। शुक्रवार की शाम इन सभी को मेडिकल परीक्षण के बाद पंतनगर के क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली से एक युवक टनकपुर पहुंचा था। वहां से वह पैदल चलकर नानकमत्ता गुरुद्वारे के पास पहुंचा। जहां पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे खटीमा के क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया है।
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