लॉकडाउन में पीने के लिए जब बीड़ी नहीं दिया, तो चरवाहे के सिर पर ही पटक दिया पत्थर

शिवपुरी जिले के ग्राम अमरखोआ में लॉकडाउन का एक साइड इफेक्ट सामने आया है। यहां एक चरवाहे द्वारा गांव के एक युवक को जब पीने के लिए बीड़ी नहीं दी गई, तो उक्त युवक ने चरवाहे के सिर पर पत्थर पटक कर उसे मरणासन्न कर दिया। चरवाहे को गंभीर स्थिति में इलाज के लिए ग्वालियर रैफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम अमरखोआ निवासी जगदीश पुत्र जुल्फी आदिवासी उम्र 50 साल, गांव के एक यादव की भैसें चराने के लिए ले जाता है। इसी क्रम में सोमवार को भी वह भैसें चराने के लिए गांव के बाहर गया था। दोपहर के समय गांव का एक युवक राजू आदिवासी वहां आया और उसने जगदीश आदिवासी से पीने के लिए बीड़ी मांगी। लॉकडाउन के कारण बाजार में बीड़ी, सिगरेट, गुटखा आदि आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। 

यही कारण रहा कि जगदीश आदिवासी ने राजू को बीड़ी देने से मना कर दिया। राजू को बीड़ी पीने की तलफ लग रही थी, इसके बाबजूद जगदीश ने उसे बीड़ी नहीं दी। इसी के चलते आक्रोश में आकर राजू ने पहले तो जगदीश की लाठी से उसकी पिटाई लगा दी, जिससे उसका एक हाथ फ्रेक्चर हो गया। जब इतने से भी उसका मन नहीं भरा, तो उसने पत्थर उठा कर उसके सिर पर पटक दिया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गया।

जगदीश को मरा हुआ समझ कर राजू मौके से फरार हो गया, गांव वालों की सूचना पर डायल-100 जगदीश को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आई, जहां उसकी बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने जगदीश को ग्वालियर रैफर कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। घायल व उसके परिजनों का कहना है कि राजू से उनकी किसी भी तरह की कोई पुरानी रंजिश नहीं है और न ही घटना स्थल पर उसका व जगदीश का कोई झगड़ा हुआ।