मुम्बई के स्लम्स में कोरोना वायरस कैसे पहुंचा, मुंबई पुलिस ने किया खुलासा, इसका भी है तबलीगी जमात कनेक्शन!

मुंबई पुलिस ने इस बात की आशांका जाहिर की है कि एशिया के सबसे बड़े स्लम इलाके कहे जाने वाले धारावी में कोरोना वायरस के पहुंचने का मामला तबलीगी जमात से जुड़ा हो सकता है। पुलिस के अनुसार दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात कार्यक्रम से लौटे 10 लोग इस इलाके में कुछ दिन रहे थे। इनकी पहचान भी कर ली गई है। मुंबई पुलिस के अनुसार ये सभी लोग धारावी के पहले कोरोना पॉजिटिव शख्स के फ्लैट में 1 अप्रैल को रहे थे। सभी केरल से हैं और अभी यहां नहीं रह रहे हैं। 
मुंबई पुलिस ने ये भी कहा कि केवल केरल के अधिकारी ही बता सकते हैं कि ये यहां ठहरने वाले लोग कोरोना पॉजिटिव हैं या नहीं। आपको बता दें कि धारावी में अब तक कुल 7 कोरोना के मामले आ चुके हैं। दो नए मरीजों की उम्र 80 और 49 साल है और दोनों धारावी के डॉ. बलीगा नगर के निवासी हैं। ये दोनों पहले संक्रमित पाई गई 30 वर्षीय महिला के सम्पर्क में आए थे। धारावी में इससे पहले चार अन्य लोग संक्रमित पाए गए थे। 

इनमें 56 वर्षीय वह व्यक्ति भी शामिल है जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। धारावी के चार इलाके - डॉ. बलीगा नगर, वैभव अपार्टमेंट, मुकुंद नगर और मदीना नगर को सीमांकित किया गया है और नगर निकाय अधिकारी नियमित रूप से उन क्षेत्रों में कीटाणुनाशकों का छिड़काव कर रहे हैं। धारावी एशिया का सबसे बड़ा झुग्गी बस्ती इलाका है, जहां करीब 15 लाख लोग रहते हैं।