गर्भवती को लेने आई एंबुलेंस को गांव में लोगों ने घुसने भी नहीं दिया! कोरोना का डर...

कोरोना के प्रति यह लोगों में कैसी जागरुकता है कि एंबुलेंस को ही गांव में घुसने नहीं दिया। मामला दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम रकेली की है। यहां सूचना पर महतारी एक्सप्रेस गर्भवती महिला को लेने जा रही थी। एंबुलेंस को देखकर ग्रामीणों ने सडक़ पर झाडिय़ों व बांस का बैरिकेड बनाकर उसे गांव में घुसने नहीं दिया। अंत में एंबुलेंस के चालक को 2 किमी की जगह 10 किमी का चक्कर लगाकर गर्भवती महिला को गांव से अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम रकेली गांव की निवासी 20 वर्षीय महिला टिहू 9 माह की गर्भवती थी। उसे बुधवार से ही प्रसव पीड़ा हो रहा थी। परिजन ने गुरुवार को महतारी एक्सप्रेस को अस्पताल ले जाने के लिए जानकारी दी। महतारी एक्सप्रेस का ईएमटी धरम व चालक शनिकुमार गांव पहुंचे। गांव से 2 किमी पहले ग्रामीणों ने एंबुलेंस को आता देख उसे रोक दिया और सडक़ पर झाड़ी व बांस का बैरिकेड बनाकर गांव में एंबुलेंस को जाने से रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि एंबुलेंस के आने-जाने से गांव में कोरोना का संक्रमण फैल जाएगा। एंबुलेंस के चालक ने ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया, इसके बाद भी वे नहीं माने और एंबुलेंस को गांव में नहीं जाने दिया।

रकेली के ग्रामीणों ने जब गांव में एंबुलेंस को नहीं जाने दिया तो चालक व ईएमटी ने मानवता का परिचय देते हुए 10 किमी का चक्कर लगाकर दूसरे गांव से पहुंचे और गांव से कुछ दूरी पर एंबुलेंस को रोक दिया। इधर सूचना पर परिजन ने गर्भवती महिला को किसी तरह एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद एंबुलेंस से महिला को कुनिया कला प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया।