लॉकडाउन में जब घर लौटा मासूम तो मां ने आरती उतार कर किया उसका स्वागत

एक बच्चे के लिए उसकी मां के आंचल की छांव से बढ़कर कुछ नहीं लेकिन कोरोना वायरस के कारण ढाई साल के मासूम विदित को अपनी मां से एक माह तक दूर रहना पड़ा। और जब मंगलवार को वो नई साइकल से अपने घर वापस लौटा तो माँ ने अपने लाडले बेटे की आरती उतार कर उसका घर में स्वागत किया और बेटे को मिठाई खिलाई। दरअसल में सुभाषनगर के रहने वाले एक परिवार के 6 सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे लेकिन परिवार के लाडले बेटे में संक्रमण नहीं था। 
परिवार के सभी सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था जबकि बच्चे को उसकी नानी के घर भेज दिया गया था। अस्पताल में परिवार ने कोरोना से जंग जीत ली और उन्हें घर में ही क्वारेन्टीन रहने की सलाह दी गई थी। क्वारेन्टीन का समय समाप्त होने के बाद ढाई साल का बच्चा भी अब अपने परिवार के बीच आ गया है। बच्चे के परिवार के सदस्यों को 31 मार्च को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। बच्चे में संक्रमण नहीं था इस लिए उसे उसके नाना के यहाँ भेज दिया गया था। 

मासूम इसके पहले अपनी मां के बगैर नहीं रहा था इस लिए शुरुआत में कुछ दिन वो काफी परेशान रहा और अपनी मां को याद कर रोता था। मामा ने बच्चे को समझाया था कि अगर वो नहीं रोएगा तो उसे साइकल दिलाई जाएगी। बच्चा अपने नाना के घर से वीडियो कॉल से अपनी मां और अन्य लोगों से बात करता था। मंगलवार को बच्चा अपने मामा द्वारा दिलाई गई नई साइकल से अपने घर पहुंचा। जहां पर मां ने उसकी आरती उतारी और बच्चे को काफी समय बाद अपनी दादी की गोद में खेलने का मौका मिला। बच्चे के पिता नोयडा की सीजफायर कम्पनी में काम करते थे। 
उनकी रिपोर्ट 29 मार्च को पॉजिटिव आई थी जिसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों का भी सैम्पल जांच के लिए भेजा गया था। 31 मार्च को आई रिपोर्ट में बच्चे के दादा- दादी,चाचा, बुआ और मां में भी कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया था लेकिन बच्चे की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। परिवार के सभी संक्रमित सदस्यों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहाँ पर इलाज के दौरान ने सभी स्वस्थ्य हो गए और बच्चे के माता-पिता को 14 अप्रैल को जबकि अन्य सदस्यों को 17 अप्रैल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।