लॉकडाउन में बेटी को गोद में लेकर ड्यूटी कर रही महिला पुलिसकर्मी, निभा रही है मां और कोरोना योद्धा का फर्ज

कोरोना वायरस महामारी से लड़ाई के चलते जिस वक्त आम नागरिक अपने-अपने घरों में कैद हैं। वहीं, इस महामारी के खिलाफ जंग में स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी लगातार डटे हुए है। इस संकट के समय ये सिपाही किस कदर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, इसकी बानगी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में देखने को मिली। यहां तेज धूम में अपनी दो साल की बेटी को सीने से लगाए अपनी ड्य़ूटी पर तैनात ये मुरादाबाद महिला पुलिस की कांस्टेबल प्रीति हैं।
प्रीति मां और कोरोना योद्धा का फर्ज बा खुबी निभा रही है। दो साल की बेटी को गोद में लिए प्रीति कभी किसी गाड़ी की चेकिंग करती है तो कभी किसी को कोरोना के प्रति जागरूक। बता दें कि महिला कांस्टेबल प्रीति दो साल की बेटी को गोद में लेकर कड़ी धूप से बचाने के लिए अपनी चुन्नी से ढक कर महिला थाने के सामने खड़ी है और वहां से आने जाने वाले लोगों को घर पर रहने व मास्क लगाने के लिए जागरूक कर रही है। प्रीति उन कोरोना वॉरियर्स के प्रतीक के रूप में सामने आई हैं जो अपनी निजी परेशानी को किनारे रखकर देश के प्रति अपना फर्ज निभा रहे हैं।
बता दें कि प्रीति की ड्यूटी महिला थाने पर लगी है। प्रीति यहां अपनी दो साल की बेटी देवांशी के साथ ड्यूटी पर है, इस दौरान वो मां के साथ-साथ पुलिकर्मी का फर्जी भी निभा रही है। वहीं, प्रीति के पति मनोज तोमर भी आरपीएफ में मुरादाबाद में कार्यरत है। मनोज की ड्यूटी रात में है, लेकिन मनोजा का एक दो दिन से स्वास्थ ठीक नहीं हैं। जिसकी वजह से वह बेटी का ठीक से ध्यान नहीं रख पा रहे है। जिस कारण देवांशी मम्मी को याद कर बार बार रोने लगती है। इसीलिए प्रीति अपनी बेटी को अपने साथ ड्यूटी पर ले आती है।
महिला थाने में भी थाना इंचार्ज ज्योति सिंह व बाकी महिला सिपाही भी थोड़ी थोड़ी देर देवांशी का मन बहला देती है। महिला सिपाही प्रीति ने बताया कि पति आरपीएफ में है और पिछले कई दिन से तबियत खराब है जिसकी वजह से बेटी घर पर बहुत परेशान कर रही है। इसलिए इसको अपने साथ ले आती हूं। थाने में ज्योति मैडम व बाकी साथी सब बहुत स्पोर्ट करते है, नोकरी के दौरान पहली बार देश सेवा का मौका मिला है। परिवार तो है ही लेकिन देश पहले है।