"बेटे, जीने की इच्छा नहीं है क्या" कोरोना के समय सड़क पर उतरे यमराज, पूछ रहे हैं ऐसे सवाल

लॉक डॉउन में बिना मतलब के घर से बाहर निकलने वालों को समझाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस नित नए-नए फॉर्मूले अपना रही है। इसी बीच अब कोरबा पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए यमराज को बुला लिया है। घबराने की जरूरत नहीं है, यह यमराज प्राण नहीं लेते हैं। बल्कि जिंदा रहने के उपाय बताते हैं। घर में रहिए, सुरक्षित रहिए। यमराज सड़क में घूमने वालों को यह समझा रहे हैं कि घर से बाहर निकलना यानी मौत को आमंत्रण देना है। 
कोरबा पुलिस के साथ यमराज की वेशभूषा में विचरण कर रहे कलाकार बाहर घूमनेवालों को रोककर पूछ रहे हैं -क्या जीने का शौक अब नहीं रहा, क्यों मुझे बुलवा लिया है? " यम हैं हम " जैसे संवाद के साथ लोगों को कोरोना वायरस से बचने के लिए घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही। कोरबा जिला पुलिस ने मुनादी कर यह ऐलान किया है कि बुधवार से जो भी व्यक्ति बेवजह घूमते मिलेगा, उसे सीधे हवालात में डाला जाएगा।
इस सख्त कार्रवाई से पहले पुलिस ने यमराज को अपनी गाड़ी में पीछे बैठाकर समझाइश दी। कोरोना पॉजिटिव के मरीज मिलने के बाद कुछ दिन लोग भय के कारण घर से नहीं निकल रहे थे। पिछले दो दिनों से शहर में फिर चहल कदमी बढ़ गई है। इसके कारण धारा144 का उल्लंघन हो रहा। नियम की अवहेलना को देखते हुए पुलिस ने जन जागरूकता तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा के निर्देश पर रामपुर पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें महाराणा प्रताप नगर निवासी सीएस राजेश नांबियार ने यमराज का वेश धारण किया है। उनकी ओर से लोगों को समझाइश दी जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
कोरोना संक्रमण न केवल उनके बल्कि पूरे परिवार के लिए प्राण घातक साबित हो सकता है। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति में टीपी नगर, सीएसईबी चौक, पावर हाउस रोड आदि चौक चौराहों में जाकर लोगों को रोचक ढंग से जानकारी दी गई। बता दें कि छत्तीसगढ़ के कोरबा में अब तक तीन कोरोना मरीज सामने आ चुके हैं। यही कारण है कि यहां सबसे ज्यादा लोगों को लॉक डाउन नियमों का पालन करने की जरूरत है। बावजूद इसके कोरबा में लोग समझने को तैयार नहीं है कि बिना वजह अपने घर से बाहर न निकलें।