लॉकडाउन के समय एक दर्जन गांव में तेज हवा के साथ गिरे ओले, बारिश से उफने नाले

विकासखंड कराहल के एक दर्जन गांव में तेज हवा के साथ एक घंटे से अधिक देर तक बरसात के साथ ओले गिरे। जिससे ताल तलाई नदी नाले उफ़ान पर आ गए। ओले की चपेट में आने से जहां एक युवक घायल हो गया, वहीं पक्षियों की मौत हो गई। वैशाख माह में तेज हवा के साथ हुई बारिश और ओले गिरने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बमौरी गांव में ज्यादा नुकसान हुआ। यहां आधा सैंकड़ा किसानों की मूंग मक्का की फसल खराब हो गई है। आधा दर्जन घरों की टीनशेड सहित मकान क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के दो दर्जन से अधिक खंभे गिरने से क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद हो गई है।
कराहल, पनवाड़ा सिलपुरी व अन्य गांवों में तूफान के साथ पानी गिरा है जबकि बमौरी, परतबाड़ा, लहरौनी, बरगवां गढला, चितारा, दुबड़ी, काकरा, जाखदा सहित अन्य गांवों में ओले गिरने से मक्का, मंूग की फसल खराब हो गई। 100 से 200 ग्राम आकर के ओले गिरने से सैंकड़ों पक्षियों की मौत हो गई है । बमौरी में ओलों की चपेट में आने से कालू पटेलिया घायल हो गया। कालू बरसात और ओले में गांव के पास घिर गया था जैसे तैसे वह घर पहुंच सका। बिन मौसम हुई बरसात से तालाब तक भर गए। गांव की सडक़ों से पानी बहने लगा। 

तेज हवा से एक दर्जन गांवों के बिजली खंभा टूट कर गिर गए। जिससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। ग्रामीणों को परेशानी के साथ रात काटना पड़ी। मंगलवार दोपहर तक बिजली सप्लाई चालू नहीं हो सकी थी। बमौरी, लहरौनी के गांव में बिजली के दो दर्जन के करीब खंभे जमींदोज हो गए। खेतों में खड़ी मक्का मंूग की फसल, सब्जियों की बाड़ी खराब हो गई। झोपड़ी, मकान टीनशेड हवा से क्षतिग्रस्त हो गए। बीती रात शहर में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। जिससे लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। इसके तापमान पर भी असर पड़ा। रातभर ठंडी हवाएं चलती रहीं। लेकिन सुबह तेज धूप निकलने से लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। इसके साथ ही जिले के अन्य कस्बों में भी हल्की बूंदाबांदी हुई।