लॉकडाउन में आधी रात सुनसान जगह पर एंबुलेंस रोककर चालक ने गर्भवती से वसूले रुपये

कोरोना संकट झेल रहे देश में जरूरतमंदों की मदद के लिए इंसानियत की कई मिसालें रोज सामने आ रही हैं। सेवा भाव में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस सबसे आगे है। उनकी छवि भी पूरी तरह बदल गई है। लेकिन इन सब के बीच एक एंबुलेंस चालक और नर्स ने संवेदनहीनता की सारी सीमाएं लांघ दी। एंबुलेंस चालक ने आधी रात को सुनसान जगह पर गाड़ी रोककर दो मरीजों से रुपये वसूले तो एक नर्स बिना रुपये लिए गर्भवती को देखने को तैयार नहीं हुई। 
वैसे स्वास्थ्य विभाग ने अब मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। दरअसर कुनौली की एक गर्भवती को शनिवार की शाम ब्लिडिंग होने लगी। कुनौली अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से उसे निर्मली रेफर किया गया। पीएचसी में प्राथमिक  इलाज के बाद डॉक्टर ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया। प्रसूता को 102 नंबर का एंबुलेंस लेकर चला। एम्बुलेंस में एक अन्य मरीज भी था।

निर्मली पीएचसी से कुछ दूर जाने पर चालक ने एंबुलेंस  रोक दी। तब रात के लगभग 2 बज रहे थे। इसके बाद चालक दोनों मरीजों से पैसे मांगने लगा। मरीजों ने जब कहा कि उन्हें तो बताया गया था कि एंबुलेंस सेवा मुफ्त है, पैसा नहीं लगेगा। इसपर चालक का दो टूक जवाब था- रुपये दो वरना यहीं उतार देंगे। अंधेरी रात और सुनसान जगह देख डरे-सहमे दोनों मरीजों ने चालक को सात-सात सौ रुपये दे दिए। इसके बाद एंबुलेंस  चालक मरीजों को सदर अस्पताल छोड़ वापस हो गया।