जब लॉकडाउन में बीमार बाप को ठेले पर लेकर बाहर घुमने निकली बेटी...

वैश्विक महामारी के चलते लॉकडाउन में बच्चे, बूढ़े और जवान हर कोई घरों में कैद होने का मजबूर हैं। आखिरकार घरों में रहना और सोशल डिस्टेंस का पालन करना ही कोरोना को हराने में रामबाण साबित हो रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बूढ़े बीमार लोगों को हो रही है।
जहां बच्चे घरों में एक जगह रह-रहकर थक गये हैं वहीं बीमारी से ग्रसित लोगों को अक्सर घरों में कैद होकर रहना नागवार गुजरने लगा है। गुरूवार को बागपत में पुरानी तहसील मोहल्ले में इस तरह की स्थिति देखने को मिली। जब एक बीमार लगातार घर में पड़े होने से थक हार कर बेटी से बोली, चलो मुझे बाहर घुमा लाओ। बेटी ने भी बाप की आज्ञा को मानते हुए तुरंत ही घर के बाहर खड़ी रेहड़ी पर गद्दे डालकर बाप को घुमाने के लिए शहर की ओर निकल पड़ी।इस समय कोरोना महामारी से हर कोई दहशत में है।

कामकाज होने के बावजूद लोग घरों में कैद होना मुनासिब समझते हैं। बताया जाता है कि पुरानी तहसील निवासी इस्लाम पिछले काफी समय से गैंग्रीन बीमारी से ग्रसित है। गुरूवार को वह घर से बाहर निकलना चाहता था लेकिन परिवार वाले लॉकडाउन का हवाला देकर घर में ही रहने की बात कहते रहते थे।

इस बीच वह अपनी बेटी अदीबा से बोला, कि बेटी मुझे बाहर खुले वातावरण में घुमाकर लाओ। बेटी ने बाप की इस बात को सुनते ही घर के बाहर खड़े रेहड़ी में गद्दा लेकर पिता को घुमाने के लिए शहर में निकल पड़ी। जिसकी चहुंओर चर्चा है। बाद में वह फिर पिता को लेकर लॉकडाउन पालन करते हुए घर पहुंच गई।