थैंक्यू दिल्ली पुलिस! अगर आप मदद नहीं करते तो हमें पैदल ही अपने घर जाना पड़ता!

कोरोना वायरस के कारण सम्पूण लॉकडाउन है जिसने कई लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है. गरीब मजदूरों के अलावा इसकी सबसे ज्यादा मार बीमार लोग झेल रहे हैं. सरकार ने भले ही जीवनावश्यक सुविधाओं को जारी रखा हो, लेकिन पब्लिक ट्रांस्पोर्ट के बंद होने से लोगों को दिक्कतों कर सामना करना पड़ रहा है. शनिवार को भी एक महिला अपने ब्लड कैंसर से पीड़ित बेटे के साथ पैदल ही अस्पताल से घर आना पड़ता अगर दिल्ली पुलिस के जवान ने उनकी मदद ना की होती. 
दरअसल, ओखला निवासी एक महिला सफदरगंज अस्पताल में ब्लड कैंसर से जूझ रहे अपने बेटा का इलाज कराने आई थी. जिसके बाद वो एम्स बस स्टैंड पर बैठकर किसी साधन का इंतजार कर रही थी. इसी बीच कोटला मुबारकपुर थाने में तैनात ASI राजेश कुमार QRT से आ रहे थे और महिला को बच्चे के साथ बैठा देख QRT रोककर महिला से बातचीत करने लगे. 

बातचीत के दौरान महिला ने ASI राजेश को टांस्पोर्ट ना मिलने के कारण होने वाली परेशानी बताई. जिसके बाद एएसआई राजेश ने कोटला मुबारकपुर एसएचओ के निर्देश पर महिला को घर तक छोड़कर आए. घर पहुंचने के बाद महिला ने दिल्ली पुलिस को धन्यवाद दिया साथ ही महिला ने कहा की लॉकडाउन होने की हमे कोई साधन नहीं मिलता और हमें घर पैदल ही जाना पड़ता.