"हमारे रोटी खाने से ज्यादा देश को दवा खाने की जरूरत है" दवाएं ढो भूखे ट्रक ड्राइवर ने बयां किया...

कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग हर कोई अपने स्तर से मदद कर रहा है। रोज कहीं ना कहीं से कोरोना फाइटर्स की कहानी सामने आ रही है। ऐसी ही दिल को छू लेने वाली कहानी एमपी से आई है।
दरअसल, इस लॉकडाउन में सबसे ज्यादा असर ट्रक ड्राइवर व क्लीनरों पर पड़ रहा है। क्योंकि जरूरी सामाने के लिए  वह ट्रक तो चल रहे हैं, लेकिन उनके सामने कई मुश्किलें आ रही हैं शुक्रवार को गुना में कुछ ट्रक ड्रायवर हाइवे पर खाना पकाते हुए नजर आए तो उन्होंने अपना दर्द बयां किया। ट्रक चालक रामवीर सिंह गुर्जर ने बताया-उन्होंने दो दिन से खाना नहीं खाया है। 

वह अहमदाबाद से दवाएं लेकर इंदौर जा रहे हैं। लेकिन क्या करें यह दवाएं पहुंचाना हमारी भूख से ज्यादा जरुरी है। क्योंकि हम खाली पेट सह लेंगे, अगर दवा समय पर नहीं पहुंची तो पता नही कितनी लोगों की जान चली जाए। उन्होंने कहा-इन दो दिनों में हमने करीब 800 किलोमीटर दूरी तय की। लेकिन कहीं खाना तो दूरी की बात है एक कप चाय तक नसीब नहीं हुई।