कोरोना के समय पति की मौत की जानकारी मिलते ही पत्नी ने भी तोड़ दिया दम!

कन्नौज के नदसिया गांव में रहने वाले एक वृद्ध की शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक हालत बिगड़ गई। उल्टी दस्त की शिकायत के बाद नर्सिंग होम ले जाया गया। यहां उन्होंने दम तोड़ दिया। साथ में मौजूद पत्नी को इसकी जानकारी हुई तो उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। उन्होंने भी वहीं दम तोड़ दिया। दंपति की एक साथ मौत से गांव का माहौल गमगीन हो गया।
रामकिशोर का परिवार करीब डेढ़ साल पहले भरापूरा था। परिवार में पांच बेटियों में चार की शादी हो चुकी है। पांचवीं बेटी गार्गी (22) के अलावा बड़ा बेटा दुर्गेश (30) और मंजेश (25) पिता के बटाई पर लिए गए खेत में हाथ बंटाते थे। परिवार में आर्थिक संकट था। सब खुश थे। करीब डेढ़ साल पहले छोटे बेटे मंजेश ने फांसी लगाकर जान दे दी। इस घटना के करीब छह माह बाद बड़े बेटे की जहरीले कीड़े के काटने से मौत हो गई। परिवार में रामकिशोर के अलावा पत्नी सरला (62) और बेटी गार्गी ही बचे थे।

ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार शाम को रामकिशोर को अचानक उल्टी दस्त की शिकायत हो गई। सरला की जानकारी पर गांव के ही एक झोलाछाप को बुलाया गया तो उसने नर्सिंग होम ले जाने की सलाह दी। गुरसहायगंज के एक नर्सिंग होम ले जाया गया। यहां रामकिशोर को मृत घोषित कर दिया गया। इसकी जानकारी सरला को हुई उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। इसके बाद मौत हो गई। माता-पिता की मौत की जानकारी पर गार्गी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के आंसू भी थम नहीं रहे हैं। हर किसी के जुबां पर रामकिशोर और सरला की कहानी है। 

गुरसहायगंज कोतवाली प्रभारी राजा दिनेश सिंह ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी न तो परिजन और न ही ग्रामीणों ने दी। मीडिया से जानकारी होने पर जानकारी कराई गई है। रामकिशोर की उल्टी व दस्त से मौत होने की बात सामने आई है। पति की मौत की जानकारी पर पत्नी सरला की दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई है। रामकिशोर के पास करीब डेढ़ बीघा जमीन थी। कई साल पहले उनका नाम एक मुकदमे में आ गया। इस मुकदमे की पैरवी में उन्हें जमीन बेचनी पड़ी। पहले दोनों बेटों के साथ और अब अकेले ही बटाई पर खेत लेकर किसी तरह परिवार का भरण पोषण कर रहे थे।