लॉकडाउन में मां का उधर हो गया है निधन, बेटा व बेटी लॉकडाउन में फंसे...

रोजी-रोटी की तलाश में सैकड़ों किलोमीटर दूर परदेस में आकर मजदूरी कर रहे श्रमिक वर्ग के लोगों के सामने दु:खों का पहाड़ सा टूट रहा है। एक महिला श्रमिक की माता की मध्यप्रदेश में मृत्यु हो जाने के बाद वह अपने माता के अंतिम दर्शन नहीं कर पा रही है। गत दो दिनों से रो-रोकर उसका बुरा हाल हो रहा है। ऐसे में प्रशासन से लगातार गुहार लगा रही है कि उसे उसके घर भेजा जाए ताकि वह अपनी माता के अंतिम दर्शन करने के साथ-साथ अंतिम क्रिया कर्म में भाग ले सकें।
मध्य प्रदेश के गुना जिला अंतर्गत खेजड़ा गांव निवासी कलाबाई पत्नी रामप्रसाद रोजी.रोटी की तलाश में अपना घर-द्वार छोड़कर राजस्थान आए थे कि यहां पर मजदूरी कर सकेंगे। यहां आने के कुछ दिनों बाद ही लॉक डाउन लग जाने से उनके अरमानों पर पानी फिर गया। गत 30 दिनों से लॉक डाउन खुलने का इंतजार कर रही कला बाई को यह दु:खद समाचार सुनने को मिला कि उनकी माता का निधन हो गया है। ऐसे में वह अपने भाई शंकरलाल सहित अन्य परिवार जनों के साथ रामदेवरा में फंसी हुई है। 

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवेल व खेतों पर काम करने के लिए यहां आने वाले श्रमिक लॉक डाउन हो जाने से यहीं फंस कर रह गए हैं। ऐसे में वे लोग अब अपने गृह नगर जाना चाहते हैं, लेकिन चाहकर भी लोग यहां से निकल नहीं पा रहे हैं। गत 30 दिनों से लॉक डाउन खुलने का इंतजार कर रहे हैं। रामदेवरा के विभिन्न धर्मशाला व होटलों में उन्हें अलग-अलग स्थान पर ठहराया गया है।