क्या कुसूर था मेरा : पूछ रहा है मौत के आगोश में आया ये मासूम लड़का

रंगदारी टैक्स नहीं देने के जुर्म में दुधमुंहे बच्चे को अपनी जान देनी पड़ी. जी हां, सही पढ़ा आपने. इलाज के लिए ले जाए जा रहे दो महीने के मासूम बच्चा को क्या मालूम था कि अस्पताल जाने के बदले उसे अपनी जान देनी पड़ेगी. जबकि उसे अस्पताल ले जाने वाला ऑटो चालक बार-बार गुहार लगा रहा था कि मासूम का इलाज करा कर लौटने के बाद टैक्स जमा करा देगा. 
बिशम्भरपुर थाना के कला मतिहानिया गांव के संतोष सिंह की पत्नी अपने रिश्तेदार के घर शादी में आई थी. वहीं दूधमुंहे बच्चे की तबियत खराब हो गयी. उसे इलाज कराने के लिए ऑटो से सदर अस्पताल ले कर जा रहे थे. जैसे ही अम्बेडकर चौक पहुंचे, वैसे ही स्टैंड के ठेकेदार के आदमी राशि वसूलने के लिए उलझ गए. 

ऑटो चालक ने गुहार लगाई की कि लौटते समय राशि चुका दी जाएगी, लेकिन रंगदारी मांगने वाले मानने को तैयार ही नहीं हुए. धक्का मुक्की के दौरान मासूम बच्चा हाथ से फिसल कर सड़क पर गिर गया. पहले से ही बीमार बच्चा चोट बर्दाश्त नहीं कर सका और वहीं पर दम तोड़ दिया.