लॉकडाउन : सर! मेरी पत्नी फंसी हुई है, उसको लाने के लिए वाहन का पास चाहिये

जमशेदपुर जिला मुख्यालय में रोजाना ऐसे लोग आ रहे हैं, जो दूसरे स्थान पर फंसे हुए रिश्तेदार या शहर में फंसे हुए मजदूर-आइसक्रीम विक्रेता को लाने या पहुंचाने के लिए पास निर्गत करने का अनुरोध कर रहे हैं. अपर उपायुक्त सौरभ कुमार सिन्हा द्वारा आवेदनों को अग्रसारित किया जा रहा है अौर जिला परिवहन पदाधिकारी के कार्यालय से पास निर्गत किया जा रहा है. जिला परिवहन कार्यालय से 23 मार्च से अब तक लगभग 2500 वाहनों का पास निर्गत किया गया है.
इसमें शहर की विभिन्न कंपनियां, मेडिकल स्टाफ समेत अन्य जरूरी कार्य में लगे लोगों को पास दिया जा रहा है. गुरुवार को जिला मुख्यालय में एक व्यक्ति पहुंचे, जिन्होंने बताया कि चिरकुंडा में साले का देहांत होने पर पत्नी वहां गयी थी अौर लॉकडाउन होने के बाद से फंसी हुई है, जिसे लाना है. इसके लिए वाहन पास निर्गत करने का अनुरोध किया गया. इसी तरह काशीडीह में 21 आइसक्रीम विक्रेता फंसे हुए हैं, जिन्हें बिहार के चौपारण जाना है. सीतारामडेरा के 24 निर्माण मजदूर फंसे हुए हैं, जिन्हें पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद जाना है. साथ ही शहर से गुम हुए बच्चे पतरातु में मिले हैं, जिन्हें लाने के के लिए परिजनों को वहां जाना है. 

इसके अतिरिक्त कोलकाता, उत्तर प्रदेश समेत अन्य स्थानों पर परिजनों के फंसे रहने की जानकारी देकर पास निर्गत करने का अनुरोध किया जा रहा है. परिवहन पदाधिकारी के कार्यालय से लाने-ले जाने के लिए वाहन का पास निर्गत किया जा रहा है. साथ ही पदाधिकारियों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि निर्गत किया जा रहा वाहन पास झारखंड में मान्य है अौर बिहार, बंगाल समेत अन्य दूसरे राज्यों में वहां की प्रशासन मानेगी या नहीं इसकी जिम्मेदारी नहीं ली जा सकती, इसलिए अगर दूसरे राज्य जा रहे हैं, तो अपनी जिम्मेदारी पर जायें.
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