बेटी के लिए दूल्हा देखने गए पिता उधर लॉकडाउन में फंसे, अब ऐसे चल रहा है पूरे घर का खर्च!

बिटिया के लिए वर देखने मध्य प्रदेश के नागदा पहुंचे भुवनी के हफीजुल्लाह करीब 25 दिनों से वहीं फंसे हुए हैं। घर का खर्च बिटिया सोनी मास्क बनाकर चला रही है। हफीजुल्लाह कपड़े की सिलाई करते हैं लेकिन उसके चले जाने के बाद दुकान बंद हो गई और परिवार के सामने खर्च चलाने का संकट पैदा हो गया। जिसके बाद बिटिया सोनी शाहीन ने यह जिम्मेदारी उठाई है।
भुवनी गांव के रहने वाले हफीजुल्लाह पड़ोसी गांव के खानपुर के मिश्रौली टोला में बिटिया की शादी पक्की की है। लड़के वाले मध्य प्रदेश के नागदा के उज्जैन जिला में रहते हैं। वहां की गृहस्थी और लड़के को देखने के लिए हफीजुलाह 22 मार्च को ही नागदा पहुंचे। उसके बाद ही देश में कोरोना महामारी घोषित कर पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया गया। हफीजुल्लाह वहीं फंस गए। जैसे-जैसे दिन बीतते गए, समस्या बढ़ती गई। फलस्वरूप एक सप्ताह बाद घर रखी हुई रकम खर्च हो गई।

घर में सबसे बड़ी होने के कारण सोनी ने खुद कुछ करने की ठान ली। सोनी ने बताया कि लॉकडाउन के एक सप्ताह बाद प्रशासन ने मास्क लगाने की कड़ाई की। जिससे मास्क की मांग बढ़ने लगी। पहले दिन चार या पाच मास्क बनाया और भाई ने उसे सस्ते दामों पर बेचा तो कुछ पैसे आसानी से आ गए। अब इस काम में दस साल का भाई भी मदद करता है। पहले दिन के बाद अब प्रतिदिन 50 मास्क तैयार हो जाता है।

करीब प्रत्येक दिन 20 मास्क की बिक्री हो जाती है। एक मास्क को 15 रुपये में बेचा जाता है। अगर कोई जरूरतमंद आ जाता है तो उसे मुफ्त में भी दिया जाता है। भुवनी गांव के ग्राम प्रधान वकील उपाध्याय ने बताया कि सोनी द्वारा बनाए मास्क की मांग ज्यादा है। उससे मिली रकम से उसका घर चलता है। साथ ही मास्क पहनकर लोग सुरक्षित भी हैं।