आरएसएस प्रमुख ने दिया बयान कहा, "सभी मुसलमानों को हम.."

वर्तमान समय में जहां देश में नागरिकता संशोधन कानून पर विवाद मचा हुआ है। इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत के सभी मुस्लिमो समेत सभी समुदाय के लोगों से भारत को एक हिंदू राष्ट्र बनाने की अवधारणा पेश की है। मोहन भागवत ने अपने भाषण के दौरान कहा कि भारतीय स्वयंसेवक संघ यह मानता है कि भारत में रहने वाले लोग लोगों के पूर्वज बिना किसी धर्म, जाति, भाषा व प्रांत के भेदभाव के हिंदू थे। मोहन भागवत ने कहा भारत सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा नहीं है और यदि भारत अपना स्वभाव बदलता है तो वह पाकिस्तान बन जाएगा।
भारत की विविधता में एकता के सिद्धांत के अलावा एकता की विविधता की बात भी मोहन भागवत ने कही। हिंदू इस देश की संस्कृति का नाम है जिसे कई पंथो, विश्वासियों व नास्तिकों ने काफी समय से अपनाया है। मोहन भागवत ने कहा कि 1857 के समय देश को आजाद कर आते वक्त देश के महापुरुषों ने ऐसी ही भारत की कल्पना की थी। भागवत ने कहा कि संघ में सभी समुदाय के लोग आते हैं। यहां मुस्लिम भी काफी संख्या में हैं, सभी मुसलमानों को हम सबके समान मानते है। और यहां तक कि जो व्यक्ति स्वयं को हिंदू नहीं मानता है उसके प्रति भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सद्भावना रखता है।
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